लोकसभा चुनाव 2019 : क्या होगा ममता दीदी और तृणमूल कांग्रेस का भविष्य?


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तृणमूल कांग्रेस के लिए आसान नहीं है लोकसभा चुनाव की राह

पश्चिम बंगाल में सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस यहां काफी मजबूत स्थिति में है और वह इस बार के लोकसभा चुनावों में भी दम दिखा रही है। हालांकि हर बार की तरह इस बार परिस्थितियां बदली हैं और टीएमसी के कई नेता पार्टी छोड़कर भाजपा के साथ जा रहे हैं। इस स्थिति ने पार्टी के साथ ही पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। 

अपने ही नेताओं ने बढ़ाई टीएमसी की परेशानी

वर्तमान स्थिति को देखते हुए पश्चिम बंगाल में शासन कर रही ममता दीदी और उनकी तृणमूल कांग्रेस पूरी कोशिश में है कि वहां के लोगों को एक बार फिर से अपने पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित किया जा सके। लेकिन उनकी ही पार्टी के सांसदों और विधायकों के टीएमसी को गुड बाय कर भाजपा में शामिल होने और भाजपा की टिकट पर चुनाव मैदान में उतरने के कारण परिस्थितियां विपरीत हो गई हैं। इन सबके बीच पश्चिम बंगाल में टीएमसी और ममता बनर्जी की स्थिति क्या होगी, इसका जवाब को 23 मई को मतगणना के बाद ही मिल सकेगा। वैसे इन सबके बीच हम यह जानने का प्रयास करते हैं कि तृणमूल कांग्रेस की कुंडली क्या कहती है-

तृणमूल कांग्रेस की कुंडली

क्या कहते हैं तृणमूल कांग्रेस के सितारे

– गोचररत शनि और केतु तृणमूल कांग्रेस की कुंडली में जन्म के सूर्य के ऊपर से गुजर रहे हैं।
– गोचररत बृहस्तपति मतदान के शुरुआती दो चरणों में जन्म के सूर्य के ऊपर से गुजर रहे हैं।
– मतदान के दिन पश्चिम बंगाल में गोचररत चंद्रमा की स्थिति अच्छी नहीं है।
– अभी तृणमूल कांग्रेस राहु की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा से गुजर रही है।

क्या कहते हैं कुंडली के ग्रह

शनि का वर्तमान गोचर बता रहा है कि, तृणमूल कांग्रेस को वर्ष 2014 की तरह सफलता पाने में काफी कठिनाई होने वाली है। सीटों की संख्या में भी शायद ही बढ़ोतरी हो। ग्रह दशा के कारण पार्टी में विभाजन और भ्रम की स्थिति भी रह सकती है। इतना ही नहीं पार्टी के प्रति लोगों का विश्वास और समर्थन बनाए रखना भी थोड़ा मुश्किल काम होगा। ग्रहों की स्थिति के कारण किसी भी पार्टी से गठजोड़ नहीं हो सका, जो टीएमसी के पक्ष में नहीं रहेगा। इतना ही नहीं विपक्ष भी अपने अभियान में तेजी रखेगा, इसलिए टीएमसी को कई महत्वपूर्ण सीटें खोनी पड़ सकती है। 

 

निष्कर्ष

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि ग्रहीय स्थितियों के कारण टीएमसी को अपनी पूर्व की स्थिति बनाए रखने में काफी मेहनत करनी होगी। इसके बावजूद ग्रह दशा के कारण वह इस कार्य में सफल नहीं हो सकेगी। इस चुनाव में टीएमसी को कुछ सीटें भी गंवानी पड़ सकती है। 






02 May 2019


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