6 ग्रहों की महायुति का शेयर बाजार पर दिखेगा बेहद बुरा असर, इन दिनों रहेगा अधिक जोखिम?


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शेयर बाजार में निवेश से पहले जाने सूर्य, चंद्र, गुरू, बुध, शनि और केतु की महायुति का प्रभाव

16 दिसंबर 2019 से 16 जनवरी 2019 तक हमारे सौरमंडल में कुछ विशेष घटनाओं के योग बन रहे है। इस समयावधि के दौरान एक समय ऐसा आएगा जब सूर्य, चंद्र, गुरू, बुध, शनि और केतु एक ही राशि में या एक भाव में एकत्र हो जाएंगे। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सौरमंडल में बिरले बनने वाली ग्रहों की ऐसी परिस्थिति इसलिए खास हो जाती है। क्योंकि इस दौरान सभी ग्रहों का प्रभाव मिश्रित होकर एक शक्तिशाली ऊर्जा के माध्यम से प्राणी मात्र पर असर डालता है। इस खगोलिया घटना का असर व्यापक होकर ना सिर्फ प्राणियों तक सीमित रहता है, अपितु उनसे जुड़े प्रत्येक साधन पर इसका असर दिखाई देता है। साधारण जन-मानस पर इसके प्रभावों का सटीक आंकलन करने के लिए यह जानना जरूरी होता है कि इस महायुति या महासंयोग का निर्माण उनकी कुंडली के किस भाव में और कौन सी राशि में हो रहा है।


हम से हजारों-लाखों किलोमीटर दूर ब्रह्मांड में मौजूद ग्रहों का पृथ्वी और जीवों पर प्रभाव डालने के प्रमाण विशाल समुद्र में उथल-पुथल मचाने वाले ज्वार-भाटा की घटना से लगाया जा सकता है। अपने तटों को तोड़ जब समुद्र अपने आस-पास की ज़मीन को निगलने लगता है, तो उसके पीछे चंद्रमा के घटते-बढ़ते प्रभाव का ही असर होता है। जब चंद्रमा जैसा छोटा ग्रह धरती के 75 प्रतिशत भू-भाग पर फैले समुद्र में हलचल मचा सकता है, तब चंद्रमा से भी विशाल और अधिक शक्तिशाली ग्रहों का प्रभाव प्राणियों और उनकी परिस्थितियों पर कितना अधिक पड़ता होगा। इसका अनुमान लगाना अधिक मुश्किल नहीं रह जाता। ग्रहों की ऊर्जा का प्राणियों और उनकी परिस्थिति पर पड़ने वाले इन्हीं प्रभावों की गणना करना और उनके शुभ-अशुभ प्रभावों का आंकलन कर जातक को उचित समाधान उपलब्ध करने की विद्या वैदिक ज्योतिष शास्त्र है। ज्योतिषी के माध्यम से हम चंद्रमा की ही तरह अन्य ग्रहों का भी न सिर्फ मनुष्य, अपितु संसार की प्रत्येक वस्तु पर पड़ने वाले सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव का आंकलन कर सकते है। देश-और दुनिया में घटने वाले आर्थिक, समाजिक और राजनीतिक घटनाक्रम में भी ग्रह-नक्षत्रों की अहम भूमिका होती है।


देश और समाज के हर क्षेत्र और हर वर्ग को प्रभावित करने वाले ग्रहों के इस महासंयोग का असर देश और दुनियाभर के शेयर बाजारों में भी देखने को मिलेगा। इन ग्रहों के एक राशि में एक साथ रहने के दौरान शेयर बाजारों में काफी हलचल देखने को मिलेगी। इस दौरान मार्केट का मूवमेंट अजीब रहने वाला है, इसलिए सावधानी रखें! और धैर्य के साथ निवेश करें है। इस महासंयोग के निर्माण से इसके विघटन तक का समय जोखिमभरा और अप्रत्याशित हो सकता है।

कुछ भी हो सकता है !

यदि हम 05/01/2020 से 18/01/2020 तक की बात करें, तो इस दौरान आपको निवेश के जोखिम से बचना चाहिए। ग्रहों के महासंयोग का यह दौर सबसे खतरनाक और हलचल भरा होगा। इस दौरान लाॅन्ग टर्म और शाॅर्ट टर्म, निवेश या मुनाफावसूली दोनों ही समान जोखिम भरे रहेंगे। संक्षिप्त शब्दों में कहें तो “कुछ भी हो सकता है!” पिछले 2 सालों से गणेशस्पीक्स.कॉम वरिष्ठ ज्योतिषी आचार्य धर्माधिकारी के मार्गदर्शन में अपने पाठकों को शेयर बाजार में आने वाली किसी भी बड़ी हलचल, तेजी या मंदी की संभावनों का पूर्वानुमान उपलब्ध कराता आया है। वैसे तो 05/01/2020 से 18/01/2020 तक की पूरी समयावधि जोखिम भरी है। लेकिन इंट्रा डे ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए इतने दिन बाजार से बाहर रहना संभव नहीं, इसलिए कुछ बेहद ही जोखिम भरे स्लाॅट हमने निकाले है। दिन प्रतिदिन ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को कम से कम इस समयावधि के दौरान मार्केट में नहीं उतरना चाहिए।


इनमें क्रमशः 8, 9 और 10 जनवरी प्रमुख हैं, कम से कम इस समयावधि के दौरान शेयर बाजार से दूरी बनाकर रखें। कम से कम इंट्रा डे ट्रेडिंग करने वाले व्यापारियों को इस दौरान ट्रेडिंग नहीं करना चाहिए। 05/01/2020 से 18/01/2020 तक की पूरी समयावधि जोखिम भरी है। और इस दौरान शेयर बाजार में निवेश से संबंधित फ़ैसलों के साथ ही निजी और प्रोफेशनल लाइफ़ में किसी तरह के बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। इस दौरान बाजार का रूख मशहूर कहावत “कुछ भी हो सकता है” को सार्थक करेगा।

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गणेश की कृपा से,
आचार्य धर्माधिकारी।

06 Dec 2019


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