आज सुरेश रैना अपना 33वां जन्मदिन मना रहे हैं? उनके आने वाले जीवन का ज्योतिषीय विश्लेषण


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सुरेश रैना भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के ऐसे खिलाड़ी हैं, जो आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हैं। बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने अब तक के क्रिकेट करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। आजकल वे फिर से भारतीय क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। एक समय ऐसा था जब अंतरराष्ट्रीय में सुरेश रैना का सिक्का चलता था। हालाँकि कभी कभी वो कमज़ोर खेल का प्रदर्शन ज़रूर करते थे। लेकिन कुछ पहले वे टीम से बहार हो गए थे। तब से उन्होंने अपने खेल में काफी सुधार किया है। उन्होंने असफलता के बाद अच्छी वापसी की और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। आइये आज ज्योतिषीय विश्लेषण के आधार पर जानते हैं कि उनका आने वाला क्रिकेट कैसा रहने वाला है?

सुरेश रैना की व्यक्तिगत जानकारी

अपने परिवार और दोस्तों के बीच में प्यार से नाम से पहचाने जाने वाले सुरेश रैना का जन्म 27 नवंबर 1986 को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हुआ था। साल 1999 में खेल का प्रशिक्षण लेने के लिए ये गुरु गोविंद गवर्नमेंट स्पोर्ट्स कॉलेज, लखनऊ चले गए।

क्रिकेट करियर

कठिन प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सुरेश रैना उत्तर प्रदेश अंडर -16 टीम के कप्तान बने। यह पहला मौका था जब जब पेशेवर क्रिकेट के लिए उनकी यात्रा शुरू हुई। भारतीय चयनकर्ताओं ने 15 साल की उम्र में उन्हें अंडर-19 के इंग्लैंड दौरे का हिस्सा बनाया। वहां उन्होंने कई मैचों में अर्धशतक लगाए। उसी वर्ष, उन्होंने अंडर-17 टीम के साथ श्रीलंका के खिलाफ भी खेला। फरवरी 2003 में उन्होंने 16 साल की उम्र में असम के खिलाफ उत्तर प्रदेश के लिए अपना पहला रणजी मैच खेला। 2004 में, उन्होंने अंडर -19 विश्व कप खेला और तीन अर्धशतक बनाए, जिसमें उनकी मात्र 38 गेंदों पर 90 रन की पारी भी शामिल है। इसके बाद, उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण लेने के लिए बॉर्डर-गावस्कर छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया।

उन्होंने साल 2010 में श्रीलंकाई टीम के विरुद्ध टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। अगर हम उन्हें क्रिकेट विश्व कप 2011 जीतने का श्रेय दें तो यह कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। क्योंकि 2011 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल के साथ-साथ अन्य मैचों में भी सुरेश रैना का खेल प्रशंसा के लायक था। लेकिन दुर्भाग्यवस कभी तो शारीरिक चोटों और कभी अन्य विवादों के चलते वे भारतीय टीम में अपनी जगह को बचाकर नहीं रख पाए।

सुरेश रैना क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में शतक लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं। इसके साथ ही, वह भारतीय टीम के कप्तान बनने वाले दूसरे सबसे युवा क्रिकेटर हैं। उन्होंने 2014 में इंग्लैंड के टीम के खिलाफ़ वनडे में शतक के साथ अपने खेल को पुनर्जीवित किया। लेकिन 2015 विश्व कप में उनका प्रदर्शन फिर से  ख़राब रहा और उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। व्यक्तिगत कारणों और चोटों के कारण, वह तब एक अच्छे खिलाड़ी के रूप में अपनी छवि नहीं बना सके। लेकिन हाल ही में, रैना ने 2018 की शुरुआत में भारत के घरेलू टी-20 टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफी खेली। जिसके बाद उन्हें दक्षिण अफ्रीका में टी 20 श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में वापस बुलाया गया।

रैना ने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए टी-20 आईपीएल सीरिज़ में कुछ बेहद शानदार स्ट्रोक खेले हैं। वर्तमान में वे आईपीएल इतिहास में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

सुरेश रैना और उनका बर्थ चार्ट

जन्म तिथि: 27 नवंबर 1986
जन्म का समय: ज्ञात नहीं
जन्म स्थान: मुरादनगर, उत्तर प्रदेश भारत

सूर्य कुंडली


ज्योतिषीय विश्लेषण
सुरेश रैना की जनमपत्री के अनुसार, उनका जन्म वृश्चिक लग्न और चंद्र राशि कन्या में हुआ। लग्न का स्वामी, मंगल, एक उग्र ग्रह है जो खुशी के घर में खेल के लिए जिम्मेदार अनुकूल स्थिति देता है। जिसके कारण ही उन्हें क्रिकेट में गहरी रुचि है। इसके साथ ही एक और तेज ग्रह सूर्य, जन्म लग्न में स्थित होने के कारण ये साहसी और वीर व्यक्ति बन पाए हैं।

उनकी कुंडली में, ग्रहों की स्थिति ने ही उनके नाम को प्रसिद्धि दिलाने में मदद की है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी भी की है। वह भारत की कप्तानी करने वाले अब तक के दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी हैं। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज हैं।

सुरेश रैना की जन्म कुंडली के अनुसार आने वाले साल में लाभ देने वाले बृहस्पति का क्रमशः दूसरे और तीसरे भाव से परागमन होगा। इसलिए यह समय कुछ असाधारण प्रदर्शन करने का समय होगा। उनकी सभी से से स्वीकृति, प्रशंसा और मान्यता प्राप्त होगी। साथ ही कुछ विज्ञापन और प्रचार गतिविधियों को भी शामिल होने की संभावना है। उसकी जोखिम लेने की क्षमता में सुधार होगा।

उनका पूरा ध्यान खुशी और संतोष रखने में होगा। हालांकि, राशि चक्र में सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह शनि उनके मेहनत और खुशी के भाव पर दृष्टि रखेंगे। जिससे कई बार वे अपनी कार्य गति को लेकर परेशान हो सकते हैं। उसके प्रयासों को वांछित परिणाम मिलने में समय लगेगा। व्यक्तिगत मोर्चे पर, वह दूसरों की राय को समझने और उनकी पालना करने में सक्षम रहेंगे। कुछ उतार-चढ़ावों को छोड़कर स्वास्थ्य ठीक रहेगा।


सुरेश रैना की कुंडली के ज्योतिषीय विश्लेषण को ध्यान में रखते हुए हम कह सकते हैं कि उन्हें अपने असाधारण खेल के साथ सफलता मिलने की संभावना है। जो उन्हें खुशी और संतोष की भावना दोनों देंगे। उन्हें नए अवसर मिलने की संभावना है जो उन्हें नाम और प्रसिद्धि दिलाने में मदद करेंगे और उनके धन की आमदनी में सुधार होने की संभावना है।

हम कामना करते हैं कि उन्हें मैदान के बाहर और भीतर दिनों जगह  सफलता मिले। क्रिकेट का बल्ला हमेशा उनके हाथ में रहें और वे हमेशा आगे ही आगे बढ़ते जाएँ।

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गणेश की कृपा से,
गणेशस्पीक्स.कॉम टीम

27 Nov 2019


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