राशि बदलकर मीन में गोचर कर रहे सूर्य, राशिचक्र की तमाम राशियों को ऐसे करेंगे प्रभावित


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मध्य मार्च में सूर्य राशि परिवर्तन कर मीन राशि में गोचर करने वाले है, सूर्य का राशि परिवर्तन राशिचक्र की तमाम राशियों को प्रभावित करने वाला है। वैदिक ज्योतिष में सूर्य को काल पुरूष की आत्मा का प्रतीक माना गया है, सूर्य आत्मा, पिता और शक्ति के कारक होकर, नौकरी, पद, प्रतिष्ठा और चरित्र से संबंध रखते है।

सूर्य का मीन राशि में गोचर हो रहा है, मीन ब्राह्मण वर्ण की स्त्री संज्ञक, बहु पद, जलचर, दिवबलि, हस्व उभयोदय, फलद्रुप सम राशि है। मीन द्विस्वभाव की राशि है और जल तत्व से संबंध रखती है। राशिचक्र में मीन अंतिम राशि है, और इसके स्वामी गुरू है। सूर्य का मीन में प्रवेश राशिचक्र की तमाम राशियों पर शुभ-अशुभ प्रभाव डालने वाला है। सूर्य को एक राशि के भ्रमण में लगभग एक माह का समय लगता है, मीन में सूर्य का गोचर 14 मार्च से 13 अप्रैल तक प्रभावी रहने वाला है।

मेष राशि

चंद्र राशि मेष कुंडली के पांचवें भाव का स्वामी सूर्य है, वहीं सूर्य का गोचर कुंडली के बारहवें भाव में हो रहा है। कुंडली का बारहवां भाव व्यय स्थान कहलाता है, और इसका संबंध जीवन के खर्च, व्यय, भोगविलास, राज्य भय, जेल, विदेश यात्रा, शयन सुख और नुकसान-हानि जैसे क्षेत्रों से होता है।

सूर्य के मीन गोचर का आपके करियर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ते दिखाई देता है, हालांकि विदेश से संबंधित कार्य करने वाले जातकों को लाभ मिलने की संभावना है। व्यापार की बात करें तो सूर्य आयात-निर्यात से संबंधित कारोबार में बेहतर उन्नति के मार्ग प्रशस्त करने का काम करेगा, हालांकि  इस दौरान वांछित सफलता प्राप्त करने के लिए आपको सामान्य से अधिक खर्च करने की जरूरत होगी। प्रेम व वैवाहिक संबंधों के मोर्चे पर संयम रखने की सलाह है, क्योंकि मेष कुंडली के बारहवें भाव में बैठे सूर्य प्रेम व वैवाहिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालते नजर आते है। शिक्षा के क्षेत्र में उन छात्रों को सफलता मिलने की संभावना है जो विदेश से शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रयत्नशील है , वहीं अन्य छात्रों को परीक्षा में वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। इस दौरान स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें, कुछ पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं के पुनः उभरने की संभावना  है।

वृषभ राशि

सूर्य चंद्र राशि वृषभ कुंडली के चौथे भाव के स्वामी है और उनका कुंडली के ग्यारहवें भाव में गोचर हो रहा है। कुंडली का ग्यारहवां भाव लाभ स्थान होकर दिन प्रतिदिन के लाभ, इच्छाशक्ति, मांगलिक कार्य, यश, कीर्ति, सार्वजनिक जीवन, अधिक लाभ, महत्वाकांक्षा, और विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंध रखता है।

वृषभ कुंडली के ग्यारहवें भाव में गोचर कर रहे सूर्य करियर के क्षेत्र में वृषभ जातकों का आत्मविश्वास बढ़ाने का कार्य करने वाले है। इसी के साथ उन्हे कार्य क्षेत्र में कुछ नई जिम्मेदारियों से भी नवाजा जा सकता है। इस दौरान व्यापार से संबंधित यात्राओं की सफलता के संकेत नजर आते है, साथ ही व्यापारी वर्ग जातकों के लिए कुछ लाभदायक सौदों की संभावना भी बनती दिखाई देती है। सूर्य के मीन गोचर के दौरान प्रेम व वैवाहिक रिश्तों में भी गर्मजोशी बनी रहेगी, इस दौरान प्रेमी युगल रिश्ते को नए स्तर पर लेकर जा सकते है। उन विवाहित जातकों के लिए भी समय अनुकूल नजर आता है, जो गर्भाधान की तैयारी में जुटे है। छात्र पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे और उन्हे वांछित सफलता मिलने की भी संभावना है। स्वास्थ्य के लिहाज से यह अवधि उत्तम रहने वाली है।

मिथुन राशि

चंद्र राशि मिथुन कुंडली के तीसरे भाव के स्वामी सूर्य है, और उनका गोचर कुंडली के दसवें भाव में हो रहा है। कुंडली का दसवां भाव कर्म स्थान होकर, कर्म, व्यापार, करियर, पद, वैभव, समृद्धि, सर्वोच्च सत्ता पद, सार्वजनिक जीवन और मान-सम्मान से संबंध रखता है।

सूर्य का मीन गोचर मिथुन कुंडली जातकों के जीवन में कुछ अनुकूल प्रभाव डालने वाला है। इस दौरान आपको करियर के क्षेत्र में लाभ मिलने की संभावना है, इस दौरान आपको सहकर्मी, वरिष्ठ और उच्च अधिकारियों से सहयोग मिलने के भी संकेत है। सूर्य के मीन गोचर के दौरान व्यापार में भी लाभ होने की संभावना है और इस दौरान आप अपने व्यापार का विस्तार कर सकते है। प्रेम संबंधों पर भी सूर्य गोचर के अनुकूल प्रभाव देखने को मिलेंगे और इस दौरान आपको अपने साथी से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की भी संभावना है। विवाहित लोगों के लिए भी यह दौर अच्छा और सकारात्मक रहने वाला है, इस दौरान आपको अपने जीवन साथी का भरपूर समर्थन मिलने वाला है। इस दौरान वैवाहिक जीवन से जुड़ी हर छोटी बड़ी समस्या का चुटकियों में समाधान होने वाला है। छात्रों को वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे। स्वास्थ्य के लिहाज से सूर्य का मीन गोचर लाभकारी और अच्छे परिणाम देने वाला हो सकता है।

कर्क राशि

सूर्य चंद्र राशि कर्क कुंडली के दूसरे भाव के स्वामी है, और उनका गोचर कुंडली के नौवें भाव में हो रहा है। कुंडली का नौवां भाव भाग्य स्थान होकर, धर्म, गुरू, आध्यात्मिक भाव, विदेश यात्रा, वैभव, सन्यास और दक्षिण भारत में इसे पिता के स्थान के रूप में मान्यता प्राप्त है, वहीं उत्तर भारत में पिता का स्थान दसवां माना जाता है।

कर्क राशि जातकों के लिए यह दौर औसत परिणामों वाला हो सकता है, इस दौरान करियर पर आगे बढ़ते समय आपको आवश्यक सावधानियां रखने की आवश्यकता है। इस दौरान कार्यस्थल पर राजनीति का शिकार होने की संभावना भी है। व्यापार पर भी अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, इस दौरान व्यापार से जुड़े कानूनी मुद्दे आपको मानसिक तौर पर परेशान कर सकते है। प्रेम संबंधों में गर्मजोशी बनाए रखने के लिए आपको अपने साथी के प्रति अधिक समर्पण दिखाने की जरूरत होगी, हालांकि इस दौरान आपके प्रेम संबंधों में कुछ भावनात्मक मुद्दों के उभरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वैवाहिक जीवन के लिए सूर्य का यह गोचर तनावपूर्ण रहने वाला है, इस दौरान अपने रिश्ते को मजबूत करने और साथी का पूरा समर्थन प्राप्त करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। छात्रों के लिए यह दौर बिलकुल उचित नहीं, परीक्षा के दौरान अत्यधिक तनाव महसूस होगा और कुछ छात्रों के पढ़ाई से दूर होने की भी संभावना है। स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के संकेत है, अपना मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखें, गुर्दों से संबंधित समस्या की संभावना है।

सिंह राशि

सूर्य सिंह कुंडली के पहले भाव के स्वामी है और उनका गोचर कुंडली के आठवें भाव मतलब आयुष्य स्थान पर हो रहा है। कुंडली का आठवां भाव आयुष्य भाव के नाम से जाना जाता है, इसका संबंध जातक के मृत्यु, विरासत, दुर्घटना, भयंकर नुकसान, वैराग्य, आत्महत्या, अप्रत्याशित मौत, भूमि गत धन, आकस्मिक धन लाभ, रहस्य विद्या, लंबी बीमारी और महिलाओं के लिए पति की उम्र से होता है।

कुंडली के आठवें भाव को मृत्यु स्थान के नाम से भी जाना जाता है, सूर्य का मीन में गोचर कुंडली के इसी आठवें भाव में हो रहा है। करियर पर इसके प्रभावों की बात करें तो इस दौरान आपको अपेक्षित सफलता मिलने की संभावना कम ही नजर आती है। इस दौरान कार्यस्थल पर अपने साथी, वरिष्ठ या उच्च अधिकारियों के साथ संबंधों में भी उतार चढ़ाव नजर आएगा। व्यापार के क्षेत्र में भी अपेक्षित लाभ की संभावना कम ही है, इसके अतिरिक्त इस दौरान व्यापार से संबंधित अतिरिक्त खर्च की भी संभावना है। प्रेम संबंधों पर भी सूर्य गोचर के अनुकूल प्रभाव नजर आते है, इस दौरान आपको अपने प्रेम संबंधों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। इस अवधि के दौरान आपको अपने रिश्ते में रोमांस की कमी नजर आएगी। विवाहित दांपत्तियों को इस दौरान धैर्य और शांति से अपने रिश्ते को अधिक समय देना होगा। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी सावधानी बरतने की सलाह है।

कन्या राशि

सूर्य का मीन गोचर चंद्र राशि कन्या कुंडली के सातवें भाव में हो रहा है, इसी के साथ सूर्य कुंडली के बारहवें भाव के स्वामी भी है। कुंडली का सातवां भाव बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावी स्थान है, इसे कलत्र स्थान के नाम से भी जाना जाता है। सातवें भाव का संबंध पति, पत्नी, हिस्सेदार, साझेदार, दांपत्य सुख, सार्वजनिक एवं सामाजिक जीवन, प्रजनन अंग, तलाक और समुद्री सफर से होता है।

कन्या कुंडली के सातवें भाव के स्वामी गुरू है, और इसी में सूर्य का गोचर हो रहा है, करियर के क्षेत्र में इस दौरान वरिष्ठ और सहकर्मियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए गंभीर प्रयासों की आवश्यकता होगी। इस दौरान कार्यस्थल पर वांछित सफलता प्राप्त करने में कठिनाई होने वाली है। व्यापार में भी प्रतिकूल परिस्थितियां निर्मित होते दिखाई देती है, इस दौरान साझेदारी व्यापार में साझेदारों के साथ अनबन की स्थिति निर्मित होते दिखाई देती है। इस दौरान किसी भी साझेदारी के कार्य में सफलता प्राप्त करना कठिन है। प्रेम संबंधों पर इस गोचर के औसत परिणाम नजर आते है, इस दौरान प्रेम प्रस्ताव के अस्वीकार होने की गुंजाईश है। विवाहित या घरेलू मोर्चे पर भी इस दौरान शांति और धैर्य रखने की सलाह है। जीवनसाथी के साथ रिश्तों में कुछ खटास आने की संभावना है, पिता के साथ वाद विवाद से बचें। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी आपको सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है।

तुला राशि

चंद्र राशि तुला कुंडली के ग्यारहवें भाव के स्वामी सूर्य है और उनका गोचर कुंडली के छठे भाव में हो रहा है। कुंडली का छठा भाव शत्रु स्थान होकर, जीवन की पीड़ा, रोग की अवधि, शत्रु, दैनिक कार्य, बीमारी, कर्ज, उधार लेन-देन और आपरेशन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से संबंध रखता है। तुला कुंडली के ग्यारहवें भाव के स्वामी भी सूर्य है, इसलिए इस स्थान से संबंध रखने वाले क्षेत्रों पर सूर्य गोचर का प्रभाव देखने को मिलेगा।

सूर्य का शत्रु स्थान पर गोचर तुला कुंडली जातकों के लिए अनुकूल परिस्थितियों का निर्माण करते नजर आता है। इस दौरान तुला जातकों को करियर के क्षेत्र में सफलता मिलते नजर आती है, इस अवधि में आप अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने में सक्षम होंगे। आंतरिक पदोन्नति मिलने की संभावना है। व्यापार के क्षेत्र में आपका सामाजिक दायरा बढ़ने की संभावना है, आपके व्यापार में वांछित वृद्धि दिखाई देती है। सूर्य गोचर की यह अवधि प्रेम संबंधों के लिहाज से भी बेहद सकारात्मक नजर आती है, यह अवधि प्रेम संबंधों की शुरूआत के लिए बेहतर रहने वाली है। वैवाहिक जीवन में प्रेम और शांति बनी रहेगी, आपसी तालमेल और मानसिक शांति का अनुभव करेंगे। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य के भी बेहतर बने रहने के संकेत है।

वृश्चिक राशि

चंद्र राशि वृश्चिक कुंडली के दसवें भाव के स्वामी सूर्य है और उनका कुंडली के पांचवें भाव में गोचर हो रहा है। कुंडली का पांचवां भाव संतान व विद्या भाव के नाम से जाना जाता है, इसका संबंध संतान के व्यवहार, जन्म और सुख से होता है साथ ही यह भाव मंत्र-तंत्र, ज्ञान, गूढ़ ज्ञान, उपासना, सट्टा, जुआ, लाॅटरी, आध्यात्मिक ज्ञान, गर्भावस्था, स्मरण शक्ति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंध रखता है।

वृश्चिक कुंडली के पांचवें भाव में सूर्य का गोचर वृश्चिक जातकों को जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में औसत परिणाम देते नजर आता है। इस दौरान आपके संवाद कौशल में सुधार होते नजर आएंगे, कार्य के अधिक दवाब के बावजूद परिस्थितियों को संभालने में सक्षम होंगे। व्यापार में वांछित लाभ की संभावना कम नजर आती है। साझेदारी व्यापार मुश्किल दौर से गुजरेंगे, साझेदारी भंग होने की भी संभावना है। प्रेम संबंधों के लिहाज से दौर तनावपूर्ण रहेगा, हालांकि आप अपने प्रिय को अपने दिल की बात बता सकते है। विवाहित जातकों के लिए भी यह दौर कुछ तनावपूर्ण रहने वाला है इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने की कोशिश करें। जीवन साथी के साथ किसी भी प्रकार की बहस में पड़ने से बचें। शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर भी मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। छात्रों को तनाव से बचने की सलाह है। स्वास्थ्य के मुद्दे पर सजग रहने की कोशिश करें।

धनु राशि

चंद्र राशि धनु कुंडली के नौवें भाव के स्वामी सूर्य है और उनका गोचर कुंडली के चौथे स्थान से हो  रहा है। कुंडली का चौथा भाव सुख स्थान होकर सुख, बुद्धिमत्ता, मकान, वाहन, ज़मीन, मिलकियत, तृष्णा, लालसा, महत्वाकांक्षा और अचल संपत्ति से संबंध रखता है।

धनु कुंडली जातकों के लिए सूर्य का मीन गोचर अनुकूल दिखाई नहीं देता, सूर्य गोचर की अवधि में आपको अपने शब्दों का बेहद ही सावधानी के साथ उपयोग करना चाहिए। इस दौरान करियर के क्षेत्र में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार के दृष्टिकोण से भी यह दौर लाभ देता दिखाई नहीं देता, इस दौरान आपको कार्य स्थल बदलने से बचना चाहिए। वित्तीय स्थिति की बात करें तो वित्तीय मोर्चे पर आपके गलत निर्णय आपकी प्रगति में बाधा डालने का काम कर सकते है। प्रेम संबंधों के लिए भी यह दौर काफी नाज़ुक और संवेदनशील रहने वाला है, यह अवधि प्रेम प्रस्ताव के लिए बेहद नकारात्मक नजर आती है। प्रेमी या प्रेमिका की ओर प्रस्ताव को ठुकराने की संभावना दिखाई देती हैं। वैवाहिक जीवन में भी कुछ तनाव की स्थिति निर्मित होते दिखाई देती है, इस दौरान तर्कों से नहीं बचा जा सकता, इसलिए सावधान रहें। शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को गंभीर प्रयास करने की जरूरत है। स्वास्थ्य के लिहाज से यह अवधि बेहतर दिखाई देती है, इस दौरान मानसिक शांति और स्वास्थ्य के बेहतर बने रहने की संभावना है। हालांकि इस दौरान आपको पाचन या पेट दर्द से संबंधित कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अपनी माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

मकर राशि

सूर्य का मीन गोचर चंद्र राशि मकर कुंडली के तीसरे भाव में हो रहा है, इस दौरान सूर्य कुंडली के आठवें भाव के स्वामी है। कुंडली का तीसरा स्थान पराक्रम स्थान होकर, पराक्रम, साहस, दोस्त, लघु प्रवास, संगीत, महत्वपूर्ण फेरबदल, दलाली और शौर्य जैसे क्षेत्रों से संबंध रखता है।

सूर्य का मीन गोचर कुंडली के तीसरे भाव में होने वाला है, सूर्य का पराक्रम स्थान पर होना करियर के लिहाज से लाभकारी परिणामों की ओर इशारा करता है। इस दौरान कार्यस्थल पर सकारात्मक परिणामों की अपेक्षा की जा सकती है, इस अवधि में आप खुद को अधिक ऊर्जावान और उत्साही महसूस करेंगे। व्यापार के क्षेत्र में भी अनुकूल परिणाम मिलने की संभावना है, इस दौरान आपके पेशेवर कौशल में वृद्धि की संभावना है साथ ही व्यावसायिक सौदों के फलीभूत होने की भी उम्मीद है। प्रेम संबंधों के लिए यह दौर प्रेम पूर्ण और आनंद दायक रहने की उम्मीद है। इस दौरान आप अपने साथी के साथ किसी लंबी यात्रा का आनंद लेने वाले है। यह समय प्रेम प्रस्तावों के लिए सकारात्मक स्थिति का निर्माण करेगा। वैवाहिक जीवन ख़ुशियों से भरा रहेगा, जो जातक शादी के लिए उपयुक्त साथी की तलाश में उन्हे लाभ मिलने की संभावना है। शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

कुंभ राशि

चंद्र राशि कुंभ कुंडली के दूसरे भाव में गोचर कर रहे सूर्य कुंडली के सातवें भाव के भी स्वामी है। कुंडली का सातवां भाव वैवाहिक जीवन और कुंडली का दूसरा भाव धन-कुटुंब स्थान के नाम से जाना जाता है और इसका संबंध व्यक्ति के धन, चल-अचल संपत्ति, कुंठा, वाणी, धन का संग्रह, लत, सोना, मणि, रत्न और लाभ-हानि से होता है।

सूर्य का मीन गोचर कुंभ जातकों के जीवन पर औसत प्रभाव डालने वाला है, इस दौरान करियर के क्षेत्र में कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यस्थल में परिवर्तन की संभावना है, इस दौरान स्थानांतरण की संभावनाएं भी प्रबल है। व्यापारी वर्ग को धैर्य और शांति बनाए रखने की जरूरत है, इस दौरान ग्राहकों या विक्रेताओं से झड़प की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। व्यापार के क्षेत्र में किसी भी बड़े निवेश से बचने की सलाह है। प्रेम संबंधों में अहंकार के कारण तनाव की स्थिति बन सकती है, हालांकि इसी दौरान स्थिति में सुधार की भी उम्मीद है। वैवाहिक या घरेलू जीवन में जल्दबाजी से बचें और प्रिय लोगों के साथ शांति और सम्मान से बात करें। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता है।

मीन राशि

चंद्र राशि मीन कुंडली के छठे भाव के स्वामी सूर्य है और उनका गोचर कुंडली के पहले स्थान पर हो रहा है। वैदिक ज्योतिष में कुंडली के प्रथम भाव को बेहद महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है, और हम इसे लग्न भाव के नाम से जानते है। प्रथम भाव या लग्न स्थान का संबंध व्यक्ति के शरीर, बनावट, चरित्र, महत्वकांशा, संरचना, स्वप्रयत्न, स्वरूप, मनोवृत्ति, मस्तक, संतोष, बल, कीर्ति और मनोबल से होता है।

सूर्य का मीन में गोचर मीन जातकों के लग्न में हो रहा है, इससे उन पर पड़ने वाले प्रभावों के स्वरूप में वृद्धि की संभावना है। कुंडली में सूर्य की स्थिति के अनुसार इस दौरान करियर के क्षेत्र में कुछ उठापटक की स्थिति बनते नजर आती है। इस दौरान कार्यस्थल पर अहंकारी स्वभाव से बचना चाहिए और अपने वरिष्ठ और उच्च अधिकारियों के साथ संबंध बेहतर करने का प्रयत्न करना चाहिए। इस दौरान व्यापारिक सौदों से लाभ मिलने की उम्मीद है, हालांकि इस दौरान सहयोगियों अथवा साझेदारों से वांछित लाभ मिलने की संभावना कम ही नजर आती है। प्रेम के मोर्चे पर सूर्य के प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल सकते है। इस दौरान अपने गुस्से पर काबू रखें और रिश्ते को बनाये रखने के लिए गंभीर प्रयास करें। विवाहित जातकों के लिए सूर्य गोचर का यह दौर औसत रहने वाला है और उनका अपने जीवन साथी के साथ रिश्ता सौहार्दपूर्ण बना रहेगा। छात्रों को दोस्तों से वांछित सहायता प्राप्त करने के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे, इस दौरान आपके सामाजिक दायरे में भी सुधार की संभावना है। सूर्य के मीन गोचर से मीन राशि जातकों को स्वास्थ्य से संबंधित कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कुछ पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं के पुनः उभरने की संभावना है।

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गणेशजी की कृपा से,
गणेशस्पीक्स.कॉम टीम

18 Feb 2020


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