जून 2020 में सूर्य का बेहद महत्वपूर्ण राशि परिवर्तन, जानिए राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव


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वैदिक ज्योतिष में सूर्य को मनुष्य की आत्मा का प्रतीक माना गया है, सूर्य को राजा, नेतृत्वकर्ता, उच्च सरकारी पद, सरकारी जाॅब और प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है। राशि  चक्र में सूर्य को सिंह राशि  का स्वामी माना गया है, सूर्य मेष में उच्च और तुला राशि में नीच के होते है। सूर्य एक बलवान ग्रह है और कुंडली उनकी स्थिति बेहद महत्वपूर्ण होती है। फिलहाल वृषभ राशि  में गोचर कर रहे सूर्य देव आगामी 15 जून, 2020 को मिथुन राशि  में प्रवेश करेंगे। 15 जून 2020 को मिथुन में गोचर कर रहे सूर्य 16 जुलाई तक मिथुन राशि  में ही भ्रमण करने वाले है।


सूर्य का मिथुन गोचर – बुध-राहु की युति और सूर्य ग्रहण

15 जून से 16 जुलाई के बीच सूर्य, बुध और राहु के साथ युति में रहने वाले है। सर्व विदित है कि चंद्र, मंगल और गुरू सूर्य के मित्र है, वहीं शनि और शुक्र शत्रु है और बुध इनके समान है। इसके अलावा 21 जून 2020 को सूर्य पर लगने वाला ग्रहण भी मिथुन राशि  में भ्रमण के दौरान ही लगने वाला है। इसलिए सूर्य का मिथुन गोचर 2020 कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। 15 जून 2020 को सूर्य का राशि परिवर्तन राशि चक्र की तमाम राशियों को प्रभावित करने वाला है। 

राशियों पर सूर्य गोचर का प्रभाव


मेष राशि

मेष राशि  जातकों के लिए सूर्य का मिथुन गोचर 2020 कुंडली के तीसरे भाव में हो रहा है। सूर्य की यह स्थिति पेशेवर और व्यावसायिक जीवन में सार्थक प्रयास और सफलता की ओर इशारा करती है। इस दौरान कार्य स्थल पर आप अधिक जोश और उत्साह के साथ कार्य करने वाले है। इस दौरान आपको अपने प्रयासों का सार्थक फल भी प्राप्त होते दिखाई देगा। इस दौरान आपको कुछ नए लोगों से मिलने का मौका मिलेगा जो आपके करियर और व्यापार को नई दिशा देगा। 

वृषभ राशि

सूर्य का मिथुन गोचर वृषभ राशि  जातकों के लिए कुंडली के दूसरे भाव में होने वाला है। कुंडली का दूसरा भाव धन व कुटुंब स्थान के नाम से जाना जाता है। इस दौरान सूर्य आपके लिए आर्थिक लाभ की स्थिति तैयार कर सकते है, जिससे आकस्मिक लाभ की संभावना नजर आती है। आपके धन में वृद्धि होगी और रुका हुआ पैसा भी मिल सकता है। हालांकि इस दौरान आपको अपनी वाणी पर संयम बरतने की जरूरत है। 

मिथुन राशि

मिथुन राशि  में ही सूर्य का गोचर हो रहा है, इस दौरान सूर्य बुध और राहु के साथ युति में भी रहेगा। मिथुन राशि  में ही साल 2020 का पहला सूर्य ग्रहण भी होने वाला है। इसलिए मिथुन राशि  जातकों के लिए समय थोड़ा असमंजस भरा हो सकता है। उन्हे अपने क्रोध और आक्रामकता को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए। इस दौरान सूर्य की नकारात्मक स्थितियों का प्रतिकूल प्रभाव वैवाहिक जीवन पर भी देखने को मिल सकती है। 

कर्क राशि 

सूर्य का मिथुन गोचर 2020 कर्क राशि  के बारहवें भाव में होने वाला है। कुंडली के बारहवे भाव मे  सूर्य आपको मिले जुले परिणाम प्रदान कर सकता है। इस दौरान खर्चें बढ़ने की संभावना रहेगी। किसी लंबी यात्रा अथवा नौकरी में ट्रांसफर की भी आशंका है। सूर्य के प्रभाव में आप अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर सकते है। 

सिंह राशि

सिंह राशि  जातकों के लिए पद प्रतिष्ठा के सूचक सूर्य लाभ स्थान पर गोचर करने वाले है। सूर्य का लाभ स्थान पर बैठना सिंह जताकों के लिए बेहद शुभ होने वाला है। इस दौरान आप किसी तरह की उपलब्धि प्राप्त करेंगे जिससे समाज में आपका मान सम्मान बढ़ेगा। इस दौरान आपको अधिक उदार बनने की आवश्यकता है।

कन्या राशि

कन्या राशि  जातकों के लिए सूर्य का मिथुन गोचर 2020 कुंडली के दसवें भाव में होने वाला है। कुंडली के दसवें भाव में सूर्य की मौजूदगी आपको अपने कार्यक्षेत्र में मान सम्मान और पद प्रतिष्ठा दिलावाएगी। कुंडली का दसवा भाव आपके कार्य और उसकी सफलता से संबंध रखता है। कुंडली के दसवें भाव में सूर्य सबसे अधिक बलवान होता है इसलिए करियर व व्यापार-व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं के समाप्त होने की पूरी संभावना है। 

तुला राशि

तुला राशि  जातकों के लिए सूर्य गोचर 2020 भाग्य स्थान पर होने वाला है। इस दौरान आप सामाजिक और धार्मिक कार्यों में अधिक रूचि दिखएंगे। खुद को मानसिक तौर पर अधिक मजबूत और सक्षम पाएंगे। हालांकि नौकरी में ट्रांसफर की संभावना है, लेकिन इस दौरान लिए गए फैसले आपके लिए लाभकारी होने वाले है। 

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि  जातकों के लिए सूर्य का गोचर कुंडली के आठवें भाव में हो रहा है। कुंडली का आठवां भाव आरोग्य स्थान के नाम से जाना जाता है। सूर्य के मिथुन गोचर के दौरान वृश्चिक राशि  जातकों को थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह है। इस दौरान अपने सेहत को लेकर अधिक सतर्क रहें। धन हानि की संभावना दिखाई देती है। बेचैनी और मानसिक तनाव के बढ़ने की संभावना है। 

धनु राशि

धनु जातकों के लिए सूर्य कुंडली के सातवें भाव में गोचर करने वाले है। इस दौरान सूर्य आपके वैवाहिक और दांपत्य जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते है। जीवन साथी के साथ मनमुटाव या वाद विवाद की संभावना नजर आती है। व्यापारी वर्ग के लिए स्थितियां अनुकूल होती दिखाई देती है।

मकर राशि

सूर्य का मिथुन गोचर मकर कुंडली के छठे भाव में हो रहा है, इस दौरान आपको सूर्य की अनुकूल परिस्थितियों का लाभ मिलने की संभावना नजर आती है। सरकार या सरकारी कार्यों से लाभ मिलने की संभावना है। शत्रु और कोर्ट कचहरी के मामलों में सफलता मिलने की संभावना है। 

कुंभ राशि

कुंभ राशि  जातकों के लिए सूर्य गोचर कुंडली के पांचवें भाव में हो रहा है। कुंडली का पांचवा भाव संतान और विद्या स्थान के नाम से जाना जाता है। इस दौरान आपके प्रेम संबंधों पर विपरीत प्रभाव देखने को मिल सकता है। प्रेमी अथवा प्रेमिका के बीच वाद विवाद की संभावना है। इस दौरान संतान से संबंधित कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। अपने साथी की भावनाओं का सम्मान करें। 

मीन राशि

मीन राशि  के लिए सूर्य का गोचर कुंडली के चौथे भाव में हो रहा है, इस दौरान आपको समाज में मान सम्मान मिलेगा। पैतृक संपत्ति में वृद्धि की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को वेतनवृद्धि अथवा पदोन्नति मिलने की संभावना है। सरकारी क्षेत्र से भी लाभ मिलने की संभावना है। कुंडली के चौथे भाव का संबंध माता अथवा जमीन से होता है। इस दौरान माता की सेहत का ध्यान रखने की सलाह है।

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गणेशजी की कृपा से,
गणेशस्पीक्स.कॉम टीम

11 Jun 2020


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