सोमवती अमावस्या 2020 तारीख, लाभ, महत्व और उपाय


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साल 2020 का यह सावन बहुत ही खास है। सावन का महीना सोमवार से शुरू हुआ है। इस साल यानी 2020 में अमावस्या और पूर्णिमा जैसी बड़ी तिथियां भी सोमवार को ही आ रही है। 20 जुलाई सोमवार को सोमवती अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा। इसके बाद इस साल सोमवती अमावस्या का यह पर्व 14 दिसंबर को ही होगा। सोमवती अमावस्या पर शिव पूजा के साथ ही पितृों के निमित्त दान का विशेष महत्व है।


सोमवती अमावस्या का है खास महत्व

प्रत्येक हिंदी मास के कृष्ण पक्ष की पंद्रहवी तिथि को अमावस्या होती है। अमावस्या का बहुत खास महत्व होता है, लेकिन इसमें सोमवती अमावस्या को विशेष माना जाता है। इस दिन को पितृ तर्पण से लेकर स्नान-दान आदि कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त रहता है। सोमवती अमावस्या पितृों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान आदि कार्यों के लिए श्रेष्ठ तिथि मानी जाती है। इस दिन पितृ दोष और कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए उपवास और पूजा भी की जाती है।

सोमवती अमावस्या से दूर होते हैं अशुभ योग

किसी भी माह में सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस दिन खासकर पूर्वजों को तर्पण किया जाता है। इस दिन उपवास करते हुए पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर शनि मंत्र का जाप करना चाहिए और पीपल के पेड़ के चारों ओर 108 बार परिक्रमा करते हुए भगवान विष्णु तथा पीपल वृक्ष की पूजा करनी चाहिए। इससे शनि की साढ़े साती या दशा का अशुभ प्रभाव दूर होता है। इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। यह व्रत महिलाओं द्वारा संतान के दीर्घायु रहने की लिए की जाती है। 

 

सोमवती अमावस्या के उपाय

– सोमवती अमावस्या के दिन तुलसी की 108 परिक्रमा करने से दरिद्रता मिटती है।

– इसके बाद क्षमता के अनुसार दान किया जाता है।

– सोमवती अमावस्या के दिन स्नान और दान का विशेष महत्त्व है।

– माना जाता है कि सोमवती अमावस्या के दिन मौन रहने के साथ ही स्नान और दान करने से  हजार गायों के दान करने के समान फल मिलता है।


सावन सोमवती अमावस्या


अमावस्या आरंभ – 20 जुलाई 2020 सोमवार 00:10 मिनट पर

अमावस्या समाप्त – 20 जुलाई 2020 सोमवार रात, 23:02 मिनट पर


इस साल करें विशेष पूजा

– शिवलिंग पर बिल्व पत्र चढ़ाएं और ओम नम: शिवाय का जाप करें।

-भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।

– पितृों के निमित्त तर्पण करें।

– गरीबों को धन और अन्न का दान करें।

– पीपल के वृक्ष के समीप दीपक जलाएं।



गणेशजी के आशीर्वाद के साथ

गणेशास्पीक्स डॉट कॉम/हिंदी


17 Jul 2020


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