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नवरात्रि समाप्त : व्रत सफल हुआ या नहीं जानें


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आप सभी गेहूं के जवारे (wheatgrass) के फायदों से तो परिचित ही होंगे। आयुर्वेद के अनुसार गेहूं के ज्वारे का रस आपको सनबर्न, सांस और शरीर की बदबुओं, मोटापे, ब्लड शुगर लेवल, कैंसर, चेहरे के पिंपल्स, कील-मुहांसे और दाग-धब्बे के निदान में बेहद असरकारक हैं। लेकिन, हम यहां गेंहू के जवारे के लाभों पर बात नहीं करेंगे वरन् हिंदू धर्म में इसके धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालने जा रहे हैं।  भारतीय मान्यताओं के अनुसार जब हमारी सृष्टि की शुरुआत हुई, तो सबसे पहली फसल जौ ही थी। इसे एक पूरी फसल कहते हैं। हवन-अनुष्ठान के समय इसे देवी-देवताओं के अन्न के रूप में चढ़ाया जाता है। नवरात्रि के दौरान की जाने वाली कलश स्थापना के समय उसके नीचे रेत रखकर इस जौ (जवारे) को उगाया जाता है। जौ बोने की यह प्रथा हमें यह सीख देती है कि हम सदैव अपने अन्न और अनाज का सम्मान करें। इसीलिए, वसंत ऋतु की इस पहली फसल को हम देवी माँ को अर्पित करते हैं। हैरान कर देने वाली बात यह है कि नवरात्रि में जौ बोने के 2-3 के बाद उसमें से जो जयंती निकलती है वह उगाने वाले के भविष्य की ओर कुछ संकेत भी करती है। 

गेंहू के जवारे के उगने का ढंग और उसका रंग आपके भविष्य की क्या सूचना देता है-

1. यदि जौ तेजी से फले-फूले तो आप खुशनसीब हैं और सुख-समृद्धि से भरी एक फलती-फूलती जिंदगी जिएंगे।
2. अगर जौ का हल्का रंग हो तो यह घर की खुशहाली का प्रतीक होता है। 
3. यदि जौ मुरझा जाएं या इनका विकास ठीक तरीके से न हो पाएं तो एेसा होना भविष्य में किसी अनहोनी होने का इशारा समझें।
4. अगर जयंती अपने मूल रंग के विपरीत लाल रंग की हो जाए तो ये समझें आपके ऊपर किसी रोग या दुश्मन का आक्रमण हो सकता है। सावधानी बरतने की जरूरत है। 
5. अगर जयंती का कलर नीचे से पीला और ऊपर से हरा दिखाई पड़े तो वर्ष की शुरुआत अच्छी नहीं होती। 
6. पर अगर इसी जंयती का रंग इसके ठीक विपरीत हो यानी जयंती नीचे से हरी और ऊपर से पीली हो तो समझें वर्ष की शुरुआत तो अच्छी रहेगी, पर अंत कुछ कष्टकारी हो सकता है। 
7. आम धारणा के मुताबिक यदि आपकी जयंती पुष्ट, हरे और सफेद रंग की निकलती है तो आपका समूचा वर्ष अच्छा बीतने वाला है। नवरात्र के बीत जाने के बाद इस जवारे को अपने अन्न भंडार में सहेजकर रख दें। 
अगर गेहूं की यह जयंती आपके लिए अनिष्टकारी संकेत दे रही है तो माँ दुर्गा से इस मुसीबत को दूर करने की प्रार्थना करें। आने वाली 10वीं तिथि को 9 ग्रह के नाम का जाप करते हुए 108 बार हवन करें। मां दुर्गा के बीज मंत्र का उच्चारण  करते हुए 1008 बार हवन करें। हवन खत्म होेन के बाद मां की आरती अवश्य करें और भभूत से माथे पर तिलक लगाएं। माँ दुर्गा आपकी समस्त विपत्तियों से रक्षा करेंगी। नवरात्रि में मिले माता के आर्शीवाद से आपका घर पूरे वर्ष धन-धान्य से भरा रहेगा।  नवरात्रि के जवारे का महत्व अनगिनत है। यदि आप भी इस वर्ष अपनी किस्मत को अजमाना चाहते हैं,  तो अपने घर गेंहू के जवारे को उगाना बिल्कुल भी न भूलें। 


शुभ नवरात्रि,

17 Oct 2018


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