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राहुल गांधी: इस लोकसभा चुनाव 2019 में होगा सपना पूरा?


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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए वर्ष 2019 का लोकसभा चुनाव मुश्किल का सबब बनता जा रहा है। पिछले चुनाव में भाजपा की स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को कड़ी टक्कर दी थी और इस बार वे पहले से ज्यादा जोरदार टक्कर देने की तैयारी में हैं। कांग्रेस को भी इसका अंदेशा है और यही कारण है कि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार राहुल गांधी को हार से बचाने के लिए कांग्रेस ने उन्हें दो जगह से चुनाव लड़ाने का फैसला किया है। राहुल अमेठी के अलावा केरल के वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ेंगे। यहां हम राहुल गांधी की कुंडली का ज्योतिषीय विश्लेषण कर उनकी राजनीतिक सफर के विश्लेषण का प्रयास करेंगे-

राहुल गांधी की जन्म कुंडली

जन्म तारीख : 19 जून 1970
समय : 14:28 (अपुष्ट)
स्थान : नई दिल्ली, भारत

क्या कहते हैं राहुल गांधी के सितारें

गणेश महसूस कर रहे हैं कि राहुल गांधी इस समय मंगल महादाशा में शुक्र की अंतरदशा चक्र से गुजर रहे हैं। परेशानी कारक ग्रह राहु भाग्य स्थान यानी कि 9 वें भाव से जन्म के सूर्य और मंगल  से गुजर रहा है। योगकारक ग्रह शनि जन्म के चंद्रमा के ऊपर से गुजर रहा है। इससे पता चलता है कि वे शनि की साढ़े साती के मध्य चरण के प्रभाव में हैं।

राहुल गांधी के लिए भविष्यवाणी भविष्यवाणी (ज्योतिषीय विश्लेषण)

सबसे पहले, दशा चक्र सकारात्मक लक्षण दिखाता है, जिसके कारण कांग्रेस के पारंपरिक मतदाता या कहें पार्टी के वफादार उन्हें वोट देंगे। उनकी पार्टी के कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में उनकी जीत को बनाए रखने के लिए काफी मेहनत करेंगे। लेकिन, ग्रहों के प्रतिकूल पारगमन के कारण, उन्हें आगामी चुनावों के दौरान अपने विरोधियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा और प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। अमेठी में मतदान की तारीख के दिन ग्रहीय संयोजन उनके लिए विशेष रूप से अनुकूल नहीं है। इस कारण मतदान के दिन दूसरे चरण की वोटिंग में समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

वायनाड सीट से जीत सकते हैं राहुल

हालांकि, उनकी दूसरी सीट वायनाड (केरल) में मतदान की तारीख पर ग्रहों का प्रभाव अधिक अनुकूल होगा।अमेठी में वे जीतते हैं, तो ज्यादा अधिक मार्जिन मिलने की संभावना नहीं है। वास्तव में, अमेठी में काफी कम मार्जिन से जीत की उम्मीद है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो उनकी लोकलुभावन योजनाएं मतदाताओं के बड़े वर्ग को अकर्षित नहीं कर सकेंगी, इसलिए वे भारी अंतर की जीत से वंचित रह सकते हैं। वैसे उन्हें वायनाड (केरला) में बेहतर ग्रहों का समर्थन मिलेगा और चुनाव जीतने की संभावना है।

राहुल गांधी के लिए निष्कर्ष

संक्षेप में कहे, तो गणेशजी का मानना है कि उनकी और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के ईमानदार प्रयासों के बावजूद, अमेठी में बड़े पैमाने पर मतदाताओं को खुश करने में राहुल गांधी असफल रहेंगे और इसके परिणामस्वरूप उन्हें बहुत मामूली अंतर से जीत मिल सकती है। हालांकि, वह वायनाड सीट जीतने में सक्षम होंगे।


17 May 2019


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