सितारें बोल रहे हैं कि आगामी महीनों में राजन को अभी और कठिन चढ़ाईयां चढ़नी होंगी…


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अंतराष्ट्रीय अर्थशास्त्री रघुराम गोविंद राजन अतुल्य विश्लेषण शक्ति से लैस हैं। इनकी अार्थिक जगत के उतार-चढ़ाव पर पैनी नजर होने के कारण अार्थिक पंडित भी इनके आगे नतमस्तक हो जाते है। अपनी बहुमुखी प्रतिभा व विशाल अनुभवों के चलते ये विश्व भर के अर्थशास्त्रियों के चहेते बन गए हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग( R&AW) जैसे प्रतिष्ठित विभागों में सेवा प्रदान करने वाले आईपीएस अधिकारी अार. गोविंदराजन के पुत्र रघुराम ने प्रतिष्ठित पदों पर आसीन होकर देश की सेवा की है। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आई.आई.टी) दिल्ली और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, अहमदाबाद में शिक्षा ग्रहण करने वाले डॉ राजन अपने करियर में कई सम्मान और पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। इनके द्वारा लिखी पुस्तक “फाल्ट लाइन्स: हाऊ हिडेन फैक्टर्स स्टिल थ्रेटेन्स द वर्ल्ड इकोनॉमी? को वर्ष 2010 में फाइनेंसियल टाइम्स-गोलमैन सैक्स’ ‘बेस्ट बिज़नस बुक’ पुरस्कार दिया गया। गणेशजी ने इस लेख के माध्यम से बताया है कि केन्द्रीय बजट 2016-17 के बाद राजन क्या दृष्टिकोण अपना सकते हैं, और इनका कार्यकाल कैसा रहने वाला है…

रघुराम राजन- भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर
जन्म दिन: 3 फ़रवरी, 1963
जन्म समयः अज्ञात
जन्म स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश, भारत

सूर्य कुंडली

1) केन्द्रीय वार्षिक बजट 2016-17 के बाद राजन, भारत की अर्थव्यवस्था के लिए क्या कदम उठा सकते है?
  • ग्रहों की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए गणेशजी को महसूस हो रहा है कि, डाॅ. राजन संयमित दृष्टिकोण अपनाएंगे। आगामी महीनों में होने वाले उतार-चढ़ाव के कारण जो समस्याएं सिर उठाएंगी, उसके राजन बड़े ही धीरज, संतुलित ढंग से और सावधानीपूर्वक हल करेंगे। ये रूपये के मूल्य में स्थिरता लाने पर अधिक ध्यान केन्द्रित करेंगे।
  • रेपो रेट से संबंधित कड़े निर्णय ले सकते हैं। स्थानीय निवेशकों का देश की अर्थव्यवस्था में विश्वास बढ़ाने हेतु अधिक सुरक्षित वातावरण का निर्माण करने की कोशिश करेंगे।

2) आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में सेवा प्रदान कर चुके राजन, क्या आने वाले महीनों में बैंकिंग क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन कर सकेंगे?
  • गणेशजी देख रहे हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम के लिए अप्रैल से जुलाई का समय एक तरह से कसौटी का समय हो सकता है। गोचर के मंगल का राजन की कुंडली में जन्म के गुरू पर दृष्टि करने के कारण इनको थोड़ा सहारा मिलेगा। कई साहसिक निर्णय ले सकने के बाद भी इन्हें कहीं-कहीं पर दुविधाएं रहेंगी। ये कई पहलुओं को नजरअंदाज कर सकते हैं। दूसरी ओर, शनि के प्रभाव के तहत ये कई सुधारात्मक उपाय अमल में लाएंगे। पर, स्थिति में निरंतर खींचतान की संभावना बनी रहेगी।
  • अागामी समय में राजन को ग्रहों का साथ पूर्णतया नहीं मिल पाने के कारण कुछ क्रांतिकारी परिवर्तन लाने में असमर्थ रहने की संभावना है। इसके बजाए, ये स्थिति में स्थिरता लाने का प्रयास करें तो अधिक उत्तम होगा। गणेशजी के अनुसार सितंबर 2016 तक बैंकिग क्षेत्र में भी अस्थिरता रहेगी।
  • अगस्त 2016से कन्या राशि में गुरू का प्रवेश आशा का संचार करेगा। गुरू की शुभ दृष्टि के कारण राजन कुछ अाश्चर्यजनक कदम उठा सकते हैं। नई नीतियों और परिवर्तन को अमल में लाएंगे। यह अनुकूल समय लगभग एक वर्ष तक अर्थात सितंबर 2017 तक बना रहेगा।



क्या अरूण जेटली के साथ मिलकर एक टीम के रूप में अच्छा परिणाम दे सकेंगे?
  • गोचर के शनि का जन्म के चंद्र से होकर पारगमन करने से राजन व जेटली के बीच संबंध अपेक्षा के अनुसार उतने असरकारक नहीं होंगे। पर इनके द्वारा लिए गए निर्णय मजबूत व दूरगामी होंगे।
  • जन्म के चंद्र से सप्तम भाव में गोचर के शनि का परिभ्रमण होने से निर्णय लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। योजनानुसार कार्य संपन्न नहीं हो सकेगा तथा कार्यों में अनावश्यक विलंब होगा।
  • वित्त और रिजर्व बैंक के गवर्नर के बीच तालमेल पर यदि विचार करें तो गणेशजी के अनुसार जेटली और राजन के बीच संबंध बहुत अनुकूल नहीं रहेंगे। कई मुद्दों पर इनके बीच परस्पर संबंधों की परीक्षा हो सकती है।

गणेशजी की यह शुभकामना है कि रघुराम राजन आगामी समय में भारतीय भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सफल रहें।

गणेशजी की कृपा के साथ,
धर्मेश जोशी
गणेशास्पीक्स डाॅट काॅम टीम

17 Mar 2016


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