कुंडली के दूसरे भाव में बुध की महत्ता


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वैदिक ज्योतिष में कुंडली को बेहद महत्वपूर्ण और खास स्थान प्राप्त हैए दरअसल यदि ऐसा कहा जाए की कुंडली के इर्द.गिर्द ही सामान्य ज्योतिष का ताना.बाना बुना गया हैए तो भी यह गलत नहीं होगा। कुंडली के आधार पर ही कोई ज्योतिषए काल गणना का सटीक अध्ययन कर सकता है। ब्रह्मांड को 360 डिग्री मानकर कुंडली को बारह हिस्सों में विभाजित किया गया हैए जिन्हें भावए घर या स्थान जैसे नामों से चिन्हित किया जाता है। कुंडली में मौजूद प्रत्येक भाव को 30 डिग्री माना गया हैए प्रत्येक भाव का अपना महत्व और उपयोगिता हैए सामान्य शब्दों में कहा जाए तो प्रत्येक भाव काल पुरूष अर्थात जातक के जन्म से मरण और मोक्ष तक की सभी परिस्थितियों और घटनाक्रम को बारह हिस्सों में बांटने का कार्य करता है।

फिलहाल हम कुंडली के दूसरे भाव की बात करेंगेए कुंडली के दूसरे भाव को धन स्थान या कुटुंब स्थान के नाम से भी जाना जाता है। कुंडली के दूसरे भाव का संबंध धनए चल.अचल संपत्तिए कुटुंबए वाणीए वंशए धन का संग्रहए व्यापारए सोनाए मणिए रत्नए लाभ.हानिए महत्वाकांक्षा और विरासत संपत्ति जैसे क्षेत्रों से होता है। कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर इन भावों से प्राप्त होने वाले प्रभावों का आंकलन किया जाता है। कुंडली घरों अथवा भाव में कौन सा ग्रह किस स्थिति में बैठा है या गोचर कर रहा हैए इसी आधार पर जातक पर प्रभावों की गणना की जाती है। कुंडली के किसी भी भाव में किसी भी ग्रह की मौजूदगी या उनका विचरण जातक के जीवन पर शुभ अशुभ प्रभाव डालने का काम करता है। फिलहाल हम यहां बुध का कुंडली के दूसरे स्थान पर महत्व जानने की कोशिश करेंगे।

अनुकूल प्रभाव

कुंडली के दूसरे स्थान पर बुध की मौजूदगीए जातक के संवादए बुद्धिए बौद्धिक तत्परताए परिवारए रिश्तेए धन और आर्थिक क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती है। जिस कुंडली के दूसरे भाव में बुध बैठे हो ऐसे जातक संवाद कौशल में माहिर होने के साथ ही अच्छे वक्ता भी होते है। गौरतलब है कि बुध और कुंडली का दूसरा भाव दोनों ही संवाद व आत्म अभिव्यक्ति से संबंध रखते है। ऐसे जातक बुद्धिमान और धन प्रबंधन में माहिर हो सकते हैए और अपने वित्त का प्रभावी ढंग से उपयोग करते है। कुंडली के दूसरे भाव में बुध का आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता हैए दूसरे भाव में बुध जातकों को आर्थिक उन्नति और विकास की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं। इसी के साथ जातक में जिज्ञासा और विचारशीलता जैसे गुणों का संचार बुध के प्रभाव में ही होता है। इन गुणों का प्रभाव तब अधिक हो जाता है जब बुध कुंडली के दूसरे घर में बैठे होते है।

बुध मन के उस पहलू पर शासन करते हैए जो निर्णय लेनेए अंतर करनेए चेतन व अवचेतन विचारोंए सचेतन कार्यों और भेदभाव की शक्ति को नियंत्रित करता है। बुध के प्रभाव व्यापक है और वे यात्राए वित्तए तर्क और शिक्षा पर नियंत्रण रखते है। कुंडली के दूसरे घर में बुध की मजबूत स्थिति व्यक्ति को नयी.नयी जगहों की यात्रा करवा सकती है। कुंडली के दूसरे स्थान पर बुध जातक को मौखिक और लिखित संचार के माध्यम से अपने विचारों को व्यक्त करने की उत्कृष्ट क्षमता प्रदान करते है। धन स्थान पर बुधए जातक को ट्रैवल एजेंटए लेखकए स्पीकरए लेक्चरारए शिक्षकए वित्त प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करते है। ऐसे जातक मजबूत मूल्य के धनी होते है और उनका पारिवारिक तानाबाना भी मजबूत होता है।

प्रतिकूल प्रभाव

कभी कभी कुंडली के दूसरे भाव में बैठे बुध कुछ विरोधी ग्रहों की उपस्थिति या प्रभावों में प्रतिकूल प्रभाव डालने का कार्य कर सकते हैं। सामान्यतौर पर बुध से प्रभावित जातक चीजों को आराम से करने पर विश्वास रखते हैए इसलिए किसी भी आपात स्थिति में जल्द घबरा जाते है। कुटुंब स्थान पर बुध के प्रतिकूल प्रभाव में जातक बेहद जिद्दी स्वभाव के हो सकते हैए और कोई उन्हे उस कार्य को करने के लिए प्रेरित या मजबूर नहीं कर सकता जो कार्य वे करना नहीं चाहते है। ऐसे जातकों को त्वरित निर्णय लेने की परिस्थित में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। कुंडली के दूसरे घर में बुध जातक प्रत्येक चीज को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैए और इसके लिए वे कड़ी मेहनत भी करते है। लेकिन उन्हे इस बात को समझना होगा कि वे कितने भी गंभीर प्रयास कर लें वे हर चीज को नियंत्रित नहीं कर सकते है। लेकिन बुध के विपरीत प्रभाव में जातक इस बात को नहीं समझ पाते और हर चीज पर नियंत्रण करने का प्रयास करते है। कुंडली के दूसरे स्थान पर बुध जातक को कुतर्क देने का कार्य करते हैए वे कुतर्क कर सकते है और उन्हे लगता है कि उनसे बेहतर कोई नहीं जानता है। कुंडली के दूसरे भाव में बुध के प्रतिकूल प्रभाव के कारण जातक को जीवन में कुछ गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। जिसके कारण उनकी निर्धारित योजनाओं में रूकवट पैदा होती है। ऐसे जातकों को लचीला होना चाहिए अन्यथा वे उन लक्ष्यों तक नहीं पहुंच पाएंगे जिन तक पहुंचने की वे उम्मीद करते है।

निष्कर्ष

कुंडली के दूसरे भाव में बुध जातक को सवांदए संचार और तर्कशील बनाने का कार्य करते है। बुध के अनुकूल प्रभाव जातक को वित्तीय प्रबंधन का जबरदस्त कौशल प्रदान करते है। हालांकि उन्हे किसी कार्य को करने के लिए बार.बार तगादा लगाना पड़ता है। बुद्धिमान और गुणी होने के बावजूदए वे कभी कभी अभिमान के कारण अपने रिश्तों को खराब कर सकते है। उन्हे अपने रिश्तों के प्रति सावधान रहने की जरूरत होती है।

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गणेशजी की कृपा से,
गणेशस्पीक्स.कॉम टीम

29 Feb 2020


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