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सात मार्च को केतु का राशि परिवर्तन : क्या होगा हर राशि का हाल


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7 मार्च 2019 को रात्रि 02:48 बजे केतु धनु राशि में गोचर करेगा और करीब 18  महीने बाद 23 सितंबर 2020 की सुबह 05:28 बजे यह धनु राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। केतु को पापी ग्रह माना जाता है, लेकिन इसके फल शुभ और अशुभ दोनों तरह के होते हैं। केतु यदि शुभकारी हो तो जातक में अाध्यात्मिक गुणों का विकास होता है और यदि यह अशुभ हो तो स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होती है। केतु की प्रतिकूलता से ही दाद, खाज और कुष्ट अादि रोग होते हैं। ऐसे में केतु का राशि परिवर्तन वर्ष 2019 में विभिन्न राशि के लोगों के लिए कैसा होगा, इसके बारे में यहां जानेंगे। 


मेष

आपकी राशि से नौवें भाव में केतु का गोचर अापके लिए कष्टदायक साबित हो सकता है। इस दौरान अापको हर कदम फूंक-फूंक कर उठाने होंगे। अापको आर्थिक क्षेत्र में भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में पैसों के लेनदेन एवं निवेश में सावधानी बरतें। इस अवधि में अापके व्यवहार में भी परिवर्तन हो सकता है। कभी अाप धार्मिक स्वभाव के होंगे तो कभी अापका स्वभाव बदला-बदला रहेगा। हालांकि इस दौरान अाप किसी तीर्थस्थल पर जा सकते हैं। इस अवधि में लंबी दूरी की कोई यात्रा भी हो सकती है। आपके घरेलू जीवन पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। पिता की सेहत खराब हो सकती है या उनसे आपका वैचारिक मतभेद हो सकता है। अपने पिता का निरादर न करें। 

उपायः केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए काले तिल का दान लाभदायक होगा।

वृषभ

केतु आपकी राशि से आठवें यानी अायु के भाव में प्रवेश करेगा। इस भाव में केतु की मौजूदगी ज्यादा अनुकूल नहीं है। हालांकि इस दौरान अापकी आध्यात्मिक विषयों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से देखें, तो यह समय बेहतर नहीं है। अपने स्वास्थ्य के प्रति किसी तरह की लापरवाही न बरतें। स्वास्थ्य बेहतर न होने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। वाहन चलाते समय भी पूरी सावधानी बरतें, अन्यथा आपको चोट लग सकती है। इस अवधि में अापकी आर्थिक स्थिति भी गड़बड़ हो सकती है। इस दौरान आपकी आय में कमी भी देखने को मिलेगी। अपने लोगों और दोस्तों के व्यवहार से अापको परेशानी हो सकती है और अाप तनाव के शिकार हो सकते हैं। 

उपायः शुभ फल की प्राप्ति के लिए तिल के तेल का दान करना उचित होगा।

मिथुन

केतु आपकी राशि से सातवें भाव में स्थानांतरित हो रहा है, जिसका प्रतिकूल असर अापके वैवाहिक जीवन पर पड़ सकता है। अापके वैवाहिक जीवन में कठिनायां उत्पन्न हो सकती हैं। जीवनसाथी से मनमुटाव, मतभेद या विवाद हो सकता है। ऐसी स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए जीवनसाथी का सम्मान करें और उनकी भावनाओं को समझने का प्रयास करें। इस अवधि में अापकी अार्थिक स्थिति भी बिगड़ सकती है। संपत्ति से संबंधित विवाद उत्पन्न हो सकते हैं या पैतृक संपत्ति को लेकर भी विवाद हो सकता है। अापको व्यापार में भी नुकसान हो सकता है, साथ ही अपने व्यावसायिक पार्टनर के साथ भी मतभेद हो सकते हैं।

उपायः इस स्थिति में विघ्नहर्ता श्री गणेश की स्तुति और पूजन अापके लिए लाभकारी होगा। 




कर्क

केतु का गोचर आपकी राशि के छठे भाव में हो रहा है। ऐसे में यह अापके लिए कई तरह की समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। इस अवधि में अापके कार्यों में रुकावटें अाएंगी और सफलता के लिए अापको काफी संघर्ष करना पड़ सकता है। इस अवधि में अापकाे स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी हो सकती है। ऐसे में अापको अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए चिकित्सक की सलाह अवश्य लें। इस अवधि में आपके खर्चों में भी बढ़ोतरी होगी। सोच-समझ कर खर्च न करने से अार्थिक परेशानी हो सकती है। इस अवधि में अनावश्यक विवाद भी हो सकता है। किसी से बात करते वक्त सावधानी बरतें और वाणी पर नियंत्रण रखें। 

उपायः शुभ फल की प्राप्ति के लिए हनुमान जी की आराधना अापके लिए लाभदायक होगा।

सिंह

केतु का आपकी राशि से पांचवें यानी बुद्धि, विद्या एवं संतान के भाव में जाना आपके लिए शुभ संकेत नहीं है। आर्थिक दृष्टि से यह अवधि अापके लिए सही नहीं है। नुकसान से बचने के लिए सावधान रहना हितकारी होगा। किसी पर भी जरूरत से ज्यादा भरोसा न करें। अापकी लव लाइफ में भी परेशानी हो सकती है। अपने पार्टनर को ऐसी कोई बात न कहें, जिससे उन्हें तकलीफ पहुंचे। अपने पार्टनर की भावनाओं का समझने किसी तरह की गलतफहमी हो तो उसे दूर करने का प्रयास करें। विद्यार्थियों के लिए यह समय थोड़ा प्रतिकूल रहोगा। पढ़ाई में उनका मन नहीं लगेगा। स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल परिणाम देखने को मिलेंगे। बच्चों का स्वास्थ्य भी बिगड़ सकता है, उनका ध्यान रखें। 

उपायः शुभ फल की प्राप्ति के लिए भैरव देव के मंदिर में ध्वज चढ़ाना बेहतर होगा।

कन्या

केतु का आपकी राशि से चौथे भाव में गोचर आपके लिए अनुकूल नहीं है। इससे अापके पारिवारिक जीवन पर बुरा असर पड़ेगा। घर में अशांति का वातावरण हो सकता है। माँ के स्वास्थ्य में भी कमी आ सकती है। गृह क्लेश भी हो सकता है। कार्यक्षेत्र की बात करें, तो इस अवधि में कार्यदबाव के कारण अाप व्यस्त रहेंगे। व्यस्तता के कारण अाप व्यक्तिगत जीवन में कम समय देंगे और घर के कार्यक्रमों में शामिल न होने के कारण अाप मानसिक रुप से तनाव के शिकार भी हो सकते हैं। खर्चों में बढ़ोतरी होगी और अाय से ज्यादा खर्च हो सकता है। 

उपायः नीले फूल भगवान के चरणों में अर्पित करना लाभदायक साबित होगा।



तुला

केतु आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर करेगा, जो अापके लिए शुभ साबित होगा। इस अवधि में आपको विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर परिणाम मिलेंगे। इतना ही नहीं कार्यक्षेत्र में पदोन्नति के योग हैं साथ ही बेहतर अवसर मिलने से अाप जॉब में परिवर्तन भी कर सकते हैं। अापकी आर्थिक स्थिति भी बेहतर रहेगी। आय के स्रोतों में वृद्धि होगी, जिससे अापकी अाय बढ़ेगी और धन संचय हो सकेगा। कार्यक्षेत्र में भी अापको सहयोग मिलेगा। अापकी बातचीत की शैली से लोग प्रभावित होंगे। कोई छोटी और लाभदायक यात्रा भी हो सकती है। इस अवधि में विदेश यात्रा की योजना भी बन सकती है। 

उपायः केतु बीज मंत्र का जाप अापको ज्यादा फायदा पहुंचाएगा। 

वृश्चिक

केतु का आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर आपके लिए अशुभ संकेत है। अार्थिक क्षेत्र पर केतु की नजर के कारण अापको धन की हानि हो सकती है। खर्चों में बढ़ोतरी के कारण बचत पर भी असर पड़ेगा। इतना ही नहीं अापकी अप्रीय वाणी के कारण किसी से झगड़ा या वाद-विवाद हो सकता है। किसी गलतफहमी के कारण घर का माहौल भी खराब हो सकता है। इन परेशानियों के कारण आप मानसिक तनाव के शिकार हो सकते हैं, जो अापके स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। इस कारण अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। इस अवधि में किसी से पैसे उधार लेना या देना भी अापके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। 

उपायः नीले फूलों का दान फायदेमंद साबित होगा। 

धनु

केतु आपकी राशि के लग्न भाव में स्थित होगा। इस अवधि में अापको इसके मिले-जुले परिणाम देखने को मिलेंगे। इस अवधि में कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न हो सकती है, इसलिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कोई पुरानी बीमारी दोबारा परेशान कर सकती है, इसलिए समय-समय पर अपने स्वास्थ्य की जांच कराएं। इस दौरान आध्यात्म के प्रति भी आपकी रुचि बढ़ेगी। और इससे अापको मानसिक शांति भी प्राप्त होगी। इस अवधि में अापका वैवाहिक जीवन प्रभावित हो सकता है साथ। आपके आसपास के लोगों को किसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

उपायः केतु के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप अापको फायदा पहुंचा सकता है।



मकर

केतु आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर करेगा, जो अापके लिए कष्टदायक हो सकता है। चूंकि 12 वां भाव खर्च का भाव होता है, ऐसे में अापके खर्च बढ़ेंगे और अापको अार्थिक हानि भी हो सकती है। हालांकि अाप विदेश यात्रा पर भी जा सकते हैं। यदि स्वास्थ्य की बात करें तो, इस पर ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों का स्वास्थ्य कमजोर हो सकता है, इसलिए उनकी सेहत का ध्यान रखें। शुभ कार्यों को इस अवधि के लिए टालना ही हितकर होगा। कार्यक्षेत्र की बात करें तो इस दौरान अापको कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अाप मानसिक तनाव के शिकार हो सकते हैं, ऐसे में तनाव को खुद पर हावी न होने दें। गलत और गैर कानूनी कार्यों से खुद को दूर रखें, अन्यथा जेल की हवा खानी पड़ सकती है। 

उपायः अापके लिए विभिन्न रंगों के कपड़े खासकर कंबल का दान लाभदायक होगा। 

कुंभ

केतु का स्थान परिवर्तन अापके लिए लाभकारी साबित होगा। चूंकि केतु आपकी राशि से 11वें भाव  में स्थानांतरित हो रहा है, ऐसे में अापको कई तरह के लाभ होंगे, जो अापको खुशियों का अनुभव कराएगा। यही नहीं अापको कॅरियर में भी सफलता मिलेगी। इस दौरान नई नौकरी मिलने की संभावना है। नौकरी में प्रमोशन के योग भी बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में उच्च पदस्थ लोगों से सावधान रहें और केवल अपने कार्य से ही सरोकार रखना बेहतर होगा। व्यापार में उन्नति होगी और व्यापारिक विस्तार के भी कई अवसर मिलेंगे। हालांकि बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी परेशानी उत्पन्न हो सकती है, इसलिए उनका ध्यान रखें। विद्यार्थियों को पढ़ाई में परेशानी हो सकती है। उच्च शिक्षण संस्थान में एडमिशन मिलने में परेशानी हो सकती है। हालांकि दोस्तों के साथ अाप अानंदपूर्वक समय व्यतीत करेंगे और अापके सामाजिक दायरे का विस्तार होगा। 

उपायः गणेशजी की आराधना करना आपके लिए हितकर होगा।

मीन

भले ही गोचर अवधि में अापको अार्थिक लाभ मिले, लेकिन अापकी राशि से दसवें भाव में केतु का गोचर अापके लिए अनुकूल नहीं है। इस अवधि में अाप धन की बचत करेंगे और कई स्त्रोतों से अापको धन का लाभ होगा। हालांकि कार्यक्षेत्र में कोई परेशानी हो सकती है और कारण निराश हो सकते हैं। कार्य के बोझ के कारण अाप निजी जीवन में समय नहीं दे सकेंगे, इससे पारिवारिक जीवन भी प्रभावित हो सकता है। मां का स्वास्थ्य खराब हो सकता है, इसलिए उनका ध्यान रखें। 

उपायः अापके लिए तिल तेल का दान लाभकारी होगा। 







05 Mar 2019


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