कार्तिक पूर्णिमा का महत्व और लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय या टोटके


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हर महीने आने वाली पूर्णिमा का बड़ा महत्व है, लेकिन शरद पूर्णिमा की तरह कार्तिक पूर्णिमा को बड़ी पूर्णिमा माना जाता है। कहा जाता है सृष्टि की शुरुआत से ही कार्तिक पूर्णिका का बड़ा महत्व रहा है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके दान पुण्य करना और भगवान सत्यनारायण की पूजा करके कथा सुनने का बड़ा महत्व है। 
शिव परिवार की पूजा जरूर करें
उत्तर भारत के कुछ शहरों में तीर्थों के किनारे इस पूर्णिमा को त्रिपुर पूर्णिमा भी कहते हैं। माना जाता है इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नाम के महाभयानक राक्षस का वध किया था। इस राक्षस के वध के बाद से ही भगवान शिव का एक नाम त्रिपुरारी भी प्रख्यात हुआ। कार्तिक पूर्णिमा पर कार्तिकेय की पूजा का भी महत्व है। वे छह कृतिकाओं के प्रिय पुत्र माने जाते हैं। शिवा, संभूति, संतति, प्रीति, अनुसूय्या और क्षमा नाम की इन कृतिकाओं की कार्तिक पूर्णिमा पर पूजन करने से भगवान शिव और उनके परिवार की विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है। इसके अलाावा भगवान शिव और माता पार्वती के साथ कार्तिकेय-गणेश की इस दिन पूजा जरूर करनी चाहिए। शिव परिवार का शहद-दूध से अभिषेक करने पर अक्षय फल की प्राप्ति होती है।
पूर्णिमा पर मिलेगी माता लक्ष्मी की कृपा
इस साल इस पवित्र त्योहार का वैज्ञानिक महत्व भी है। चंद्रमा अपने सामान्य आकार से काफी बड़ा दिखाई देगा। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा मन का कारक है। ऐसे में कार्तिक पूर्णिमा सहित सभी पूर्णिमा पर चंद्रमा को अर्घ्य देकर मन की शांति की प्रार्थना करनी चाहिए। कई जगह चंद्रमा का दूध से अर्घ्य देने का भी विधान है। माता लक्ष्मी की विशेषकृपा प्राप्त करने के लिए इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करें। श्रीसुक्त का पाठ करें और भगवान सत्यनारायण की पूजा करें।

कार्तिक पूर्णिमा के आसान उपाय
– पूर्णिमा पर गरीबों को सफेद वस्त्रों के साथ दूध, मावे की मिठाई और चावल जरूर दान करना चाहिए। यदि आप किसी गरीब को यह नहीं दे पाते हैं, तो किसी भी मंदिर में उपरोक्त सामग्री का दान कर सकते हैं।
–  कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान शिव के साथ माता पार्वती और कार्तिकेय की पूजा जरूर करनी चाहिए। कार्तिकेय का इस दिन जन्मदिन माना जाता है। उनसे सभी प्रकार की जीत की विशेष प्रार्थना करनी चाहिए।
– माता लक्ष्मी के साथ चंद्रमा को सफेद चावल की मीठी खीर बनाकर भोग लगाने से माता लक्ष्मी विशेष रूप से प्रसन्न होती है।
–  पूर्णिमा पर सुबह जल्दी उठकर पीपल के पेड़ में मीठा दूध और जल जरूर चढ़ाना चाहिए।
–  इस दिन देव दिवाली भी मानी जाती है। घर को उसी तरह रोशन करना चाहिए, जैसे दिवाली के दिन करते हैं। इससे देवता प्रसन्न होते हैं और घर पर आशीर्वाद बरसाते हैं।
– कार्तिक पूर्णिमा के दिन घर में भगवान सत्यनारायण की कथा करने से शुभता की प्राप्ति होती है।

गणेशजी का आशीर्वाद बना रहें

25 Nov 2020


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