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कार्ति चिदंबरम के लिए सितारें 2018 तक किसी भी राहत के आसार नहीं देख रहे !


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पूर्व भारतीय वित्त मंत्री, गृह मंत्री और राज्यसभा सदस्य पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) एक राजनेता और व्यापारी हैं। 2015-16 में, मीडिया ने इनकी कंपनियों के व्यापक रुप से अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में फैले होने का खुलासा किया। कार्ति चिदंबरम का अतीत अच्छा रहा है। लेकिन, इनके ऊपर कानूनी जांच-पड़ताल आ जाने से अब ये काफी परेशानी में फंस गए हैं। इस लेख में गणेश जी इनकी कुंडली की जांच करते हुए इनके भविष्य के बारे में भविष्यवाणी करते हैं। 

कार्ति चिदंबरम
जन्म तिथि: 16 नवंबर 1971
जन्म समय: अज्ञात
जन्म स्थान: चेन्नई, तमिलनाडु, भारत

कार्ति चिदंबरम की सूर्य कुंडली 
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प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ जीवन दोनों में दिमाग का उपयोग करते हैं कार्ति चिदंबरम

ऊपर बताई गई कार्ति चिदंबरम की कुंडली के अनुसार दूसरे भाव ( वृश्चिक राशि) में बुध, गुरु और शुक्र की युति होती है। इन तीनों की तिगड़ी यह इंगित कर रही है कि ये बौद्धिक रुप से काफी सशक्त हैं। कार्ति अपने दिमाग का उपयोग केवल व्यवसाय में ही नहीं, बल्कि निजी जीवन में करने में माहिर हैं। इसके अलावा कार्ति के अंदर विषयों को सूक्षमता से समझने से समझने का एक विलक्षण गुण है जो उन्हें तह की गहराईयों तक पहुंचा देती है। वृश्चिक राशि के गुणों के अनुरुप ही ये अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए एक मजबूत रणनीति विकसित करने में समर्थ हैं। कार्ति चिदंबरम ने अपनी  क्षमताओं का पूरा-पूरा उपयोग अपने कैरियर को उठाने में लगाया है। क्या आप अपने करियर में विकास करना चाहते हैं? तो हमारी सेवा करियर एक प्रश्न पूछें रिपोर्ट के मार्गदर्शन से आप निश्चित ही सफलता की पगडंडियों पर चल सकेंगे। तनावपूर्ण समस्या का हल इस रिपोर्ट में आपको बताया जाएगा जिससे आपको अपने आगे आने वाले जीवन में सहूलियतें रहेंगी। 

अवसरों को पहचानने की अद्भुत क्षमता मौजूद है कार्ति चिदंबरम में 

हालांकि, इनकी यह जन्मकुंडली इनके एक भावुक व्यक्ति होने की तरफ भी इशारा करती है। लेकिन, भीतर ही भीतर चिंताओं का ज्वालामुखी दहक रहा होने पर भी ये अपने भीतर की व्यथा को अपने चेहरे पर यानी सबके समक्ष कभी नहीं आने देते। कुंडली बोलती है कि ये हमेशा खुद को तवज्जो देते हैं और अवसरों को ताड़ने में तो इनको महारथ हासिल है। और तो और कुंडली में बन रहा राजयोग इनके एक शानदार व्यक्तित्व का बखान कर रहा है। ज्योतिष में राजयोग, इंसान द्वारा सफलता की सीढ़ी पर तेजी से चढ़ने की भविष्यवाणी करता है। सीखने और कमाने के लिए अवसरों का उपयोग किया जाना चाहिए। क्या आप अपने भविष्य में अपनी वित्तीय स्थिति के बारे में उत्सुक हैं? आप अपनी समस्त चिंताओं को दूर कर सकते हैं। निशुल्क 2017 वित्त रिपोर्ट प्राप्त करें। 

ब्रह्मांड में चल रही ग्रहीय हलचलें कार्ति चिदंबरम का भविष्य तय करेंगी

बुध के नक्षत्र में उपस्थित शुक्र, बुध और गुरु का मेल इनको एक ठोस बुद्धि, विश्लेषणात्मक क्षमता, अंतर्ज्ञान और दृष्टिकोण प्रदान करता है। इन शुभ ग्रहों की सम्मिलित शक्तियां इन्हें काफी ऊंचा उठाने में सहायक हैं। वहीं इस कुंडली का एक नकारात्मक पहलू ये दिखाई दे रहा है कि राहु और केतु उनको दिशा भ्रमित करते हुए इन्हें कोई गलत रास्ता दिखा सकते हैं। विवेक को खो देने और नैतिक राह से भटक जाने पर इनका निजी और पब्लिक जीवन संघर्ष, तनाव, दोष और कानूनी समस्याओं से घिर जाने की आशंका रहेगी। 

कानूनी पिंजड़े में फेंक सकता है शनि

वृश्चिक राशि से होने वाला शनि का गोचर इनके दुश्मनों को बढ़ा सकता है। शत्रुओं द्वारा इकट्ठा होकर कार्ति चिदंबरम की छवि को धूमिल पहुंचाने की कोशिश इस चरण के दौरान इनको उग्र और आक्रामक बना सकती है। जैसा कि कार्ति चिदंबरम की कुंडली से साफ-साफ देखा जा सकता है कि शनि के बुरे प्रभाव से इनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक संबंधों में मतभेद और संघर्ष अपनी जगह बना सकते हैं। शनि इनको सरकारी अधिकारियों के साथ किसी तरह के विवादों में डालकर काफी गंभीर कानूनी मुद्दों में उलझा सकता है। 

तनाव की वजह बन सकता है ब्रह्मांड में आकार लेने वाले ग्रहों का संयोजन 

कर्क राशि में छायाग्रह राहु का आगमन कार्ति के लिए कई बुरी खबरों को लेकर आएगा। इससे कानूनी स्तर पर कार्ति चिदंबरम की स्थिति और भी खराब हो सकती है। वृश्चिक राशि में शनि का गोचर और कर्क राशि में राहु का गोचर हो रहा होने से इनको अक्टूबर 2017 तक कई मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। यहां उपलब्ध ज्योतिष आंकड़ों के अनुसार यह समय इनके लिए मानसिक पीड़ा और बेचैनी का कहा जाएगा। कुल मिलाकर, कार्ति चिदंबरम के लिए यह समय संबंधों में कड़वाहट के साथ साथ तनाव भी लाएगा। 

अक्टूबर 2018 तक कार्ति चिदंबरम के सितारें इनके साथ नहीं खड़े दिखाई पड़ रहे

हालांकि, तुला राशि में हो रहा गुरु का गोचर कार्ति चिदंबरम को शक्ति प्रदान करेगा। इसके सहयोग से कार्ति के भीतर एक आशा की किरण टिमटिमाती रहेगी। ये आशावान रहेंगे। अपने पॉजिटिव एप्रोच की वजह से ये कठिन समय को पार कर लेंगे। नवंबर 2017 के मध्य के बाद, कार्ति चिदंबरम को बृहस्पति के अनुकूल पारगमन की मदद से कानूनी उपाय राह के रुप में मिलेंगे। दूसरी ओर, अशुभ ग्रहों द्वारा निरंतर तंग किए जाने की वजह से कार्ति को फिलहाल अक्टूबर 2018 तक पूरी तरह से राहत मिलने की उम्मीद मिलती नहीं दिखाई देती। मुसीबतें पीछे लगी रहने पर भी कुंडली और गोचर के शुभ ग्रहों की शक्तियां कार्ति के लिए सुरक्षा कवर का निश्चित रुप से काम करेंगी, एेसा गणेशजी का विश्वास है। अक्टूबर 2018 के बाद की अवधि कार्ति चिदंबरम को एक सकारात्मक दिशा और विकास की ओर ले जाएगी। हालांकि कार्ति चिदंबरम के लिए यह एक काफी मुश्किल मार्ग कहलाएगा। 


गणेशजी के आशीर्वाद सहित, 


दुःखों से छुटकारा पाकर खुशहाल जीवन जीने के लिए हमारे सिद्धहस्त ज्योतिषी से बात कीजिए। 



01 Sep 2017


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