2020 कामिका एकादशी व्रत कथा – विधि, दिनांक एवं मुहूर्त


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कामिका एकादशी

कामिका एकादशी व्रत से मिलती है पापों से मुक्ति
श्रावण माह तो वैसे ही काफी पवित्र होता है और अगर इस माह कोई अन्य व्रत या त्योहार पड़ जाएं, तो उसका अलग ही महत्व हो जाता है। श्रावण माह में पड़ने वाले व्रत में से एक है कामिका एकादशी, जो इस साल कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन यानी 16 जुलाई 2020 को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु की आराधना एवं पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। कामिका एकादशी व्रत से सभी परेशानियों से निजात मिलने के साथ ही इच्छित फल की प्राप्ति होती है। 

कामिका एकादशी व्रत कथा 
कामिका एकादशी से जुड़ी एक प्राचीन कथा के मुताबिक किसी गांव में एक क्रोधी व्यक्ति रहता था। एक दिन उसका एक ब्राह्मण से झगड़ा हो गया और क्रोध में आकर वह व्यक्ति ब्राह्मण की हत्या कर देता है। ब्रह्महत्या के पाप से दुखी उस व्यक्ति ने ब्राह्मण का अंतिम संस्कार करना चाहा, लेकिन अन्य ब्राह्मणों ने उसे ऐसा करने से रोक दिया। ब्रह्म हत्या का दोषी होने के कारण ब्राह्मणो ने उसके यहां भोजन करने से इंकार कर दिया। इससे व्यथित उस व्यक्ति ने एक ऋषि से इस पाप के निवारण का उपाय जानना चाहा। इस पर उक्त ऋषि ने उसे कामिका एकादशी व्रत करने को कहा। इसके बाद उसने ऋषि के बताए विधि के अनुसार कामिका एकादशी का व्रत किया। इसके बाद रात में जब वह सो रहा था, तो भगवान ने उसके सपने में आकर दर्शन दिए और उसे ब्रह्म हत्या के दोष से मुक्त कर दिया। इस व्रत से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है और अश्वमेघ यज्ञ के समान फल मिलता है। 

व्रत विधि 
– एकादशी के दिन स्नानादि के बाद व्रत का संकल्प करना चाहिए।
– भगवान विष्णु को फूल, फल, तिल, दूध, पंचामृत आदि का भोग लगाना चाहिए।
– इसके बाद धूप, दीप, चन्दन आदि से आरती करनी चाहिए।
– व्रत के दौरान निर्जल रहकर भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करना चाहिए।
– एकादशी में ब्राह्मण को भोजन कराने और दान-दक्षिणा देने का महत्व है।
– ब्राह्मण को भोजन कराने के बाद ही खुद भोजन करें। 

कामिका एकादशी 

16 जुलाई 2020, रविवार 

एकादशी तिथि प्रारंभ – 15 जुलाई 2020 को रात 10:19 बजे
एकादशी तिथि समाप्त – 16 जुलाई 2020 को रात 11:44 बजे

17 जुलाई को, पारण (व्रत तोड़ने का) समय – सुबह 05:30 बजे से 08:20 बजे तक


13 Jul 2020


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