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गुरु का धनु राशि में प्रवेश: जानें 2019 चुनाव कांग्रेस के लिए कैसा रहेगा


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30 मार्च बृहस्पति का पारगमन : कांग्रेस के लिए कितना फायदेमंद और कितना नुकसानदेह

वर्ष 2019 में भारत में लोकसभा के चुनाव होने वाले हैं। पहले लोकसभा चुनाव होंगे और इस चुनाव पर देश ही नहीं सारी दुनिया की नजरें टीकी हैं। अाम चुनाव को लेकर अभी से ही चर्चाओं का बाजार गर्म है। चर्चाओं में ही लोग एक पार्टी को हरा तो दूसरे को जीता रहे हैं। हालांकि कौन सी पार्टी सत्ता में अाएगी, यह तो चुनाव के बाद ही पता चल सकेगा, लेकिन हम चुनाव के वक्त ग्रहों के पारगमन के अाधार पर इसका अाकलन करने का प्रयास करेंगे। हालांकि एक खास अवधि में चुनाव का होना देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के लिए फायदेमंद दिख रहा है, लेकिन उस अवधि के बाद अगर चुनाव होता है तो कांग्रेस को अप्रत्याशित परिणाम का सामना भी करना पड़ सकता है। इस क्रम में यहां हम कांग्रेस पार्टी की ग्रहीय स्थिति का विश्लेषण करेंगे।

22 अप्रेल 2019 के बाद कांग्रेस के पक्ष में नहीं रहेगी ग्रहों की स्थिति

बृहस्पति 30 मार्च को धनु राशि में प्रवेश करेगा। यह एक बड़ी घटना बन जाएगा और अागामी चुनावों पर इसका बड़ा असर होगा। हालांकि बाद में 22 अप्रेल को बृहस्पति पीछे हटकर वृश्चिक राशि में चला जाएगा। ऐसे में ट्रांजिटिंग बृहस्पति 30 मार्च और 22 अप्रैल के बीच धनु राशि में रहेगा। आने वाले लोकसभा चुनाव इसी अवधि में संभावित हैं। हालांकि 11 अप्रेल के बाद बृहस्पति का पारगमन धीरे-धीरे प्रतिकूल होता जाएगा, जो नुकसानदायक साबित हो सकता है। इस पारगमन का असर प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रदर्शन का अाकलन करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। 

पहले और 10वें भाव में बृहस्पति दे सकता है कांग्रेस को फायदा

 
कांग्रेस के लग्न चार्ट का अाधार मीन है और यह बृहस्पति द्वारा शासित है। दसवें भाव को आम तौर पर हाउस ऑफ स्टेटस के रूप में जाना जाता है। यह अधिकार को दर्शाता है। धनु राशि कांग्रेस की कुंडली के 10 वें भाव में है। 10 वें भाव के माध्यम से बृहस्पति का पारगमन विस्तार, सफलता और सम्मान को इंगित करता है। चूंकि बृहस्पति के पास 1 और 10 वां भाव है, जो कांग्रेस के पक्ष में जा सकता है। 

1984 में अनुकूल और 1996 अाम चुनाव में मिला था प्रतिकूल परिणाम

यदि हम पिछले कुछ चुनावों पर धनु में बृहस्पति के पारगमन का असर देखते हैं, तो पाते हैं कि इससे कांग्रेस को फायदा ही हुअा है। वर्ष 1984 में हुए भारतीय अाम चुनाव के वक्त भी बृहस्पति का पारगमन धनु राशि में था। उस वक्त पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने चुनावों में जीत दर्ज की थी। हालांकि वर्ष 1996 में हुए अाम चुनावों में कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश नहीं मिल सका। यहां गौर करने वाली बात यह है कि उस वक्त बृहस्पति धनु राशि से पीछे हट गया था। ऐसे में यदि आगामी चुनाव 30 मार्च और 22 अप्रेल के बीच की अवधि में होते हैं, तो 11 अप्रैल 2019 तक बृहस्पति का पारगमन कांग्रेस के पक्ष में होगा। लेकिन, बृहस्पति की प्रतिकूल चाल 11 अप्रैल के बाद वांछित परिणाम नहीं लाएगी।

बृहस्पति के धनु में जाने का क्या होगा परिणाम- निष्कर्ष

इस अाकलन के अाधार पर अब इस बात में कोई संदेह नहीं है कि धनु राशि में बृहस्पति का पारगमन कांग्रेस की मदद करेगा और जीत की संभावनाओं को मजबूत करेगा। लेकिन, क्या यह वापसी सत्ता प्राप्ति की दिशा में अत्याधिक मजबूत भी होगी? यह कई अन्य कारकों पर निर्भर करेगा और परिणाम चुनाव की समयावधि पर निर्भर करेगा। 

आचार्य भारद्वाज के इनपुट के साथ


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