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अंतरिम बजट 2019 : कैसा होगा मोदी सरकार का बजट


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लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 1 फरवरी 2019 को केन्द्र सरकार अपना अंतिम बजट प्रस्तुत कर रही है। इस बजट को वित्तमंत्री के तौर पर पीयुष गोयल प्रस्तुत करने वाले हैं।  हाल ही में 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में अाम जनता और मतदाताओं के रुख को देखते हुए अंतिम बजट के जरिए केन्द्र सरकार लोगों को लुभाने का प्रयास करेगी। आगामी केंद्रीय बजट से किसी को क्या उम्मीद करनी चाहिए? क्या भारतीय वित्त मंत्री के पास सभी तबके के लिए अच्छी खबर होगी? या, कुछ ही लोग लाभान्वित हो सकेंगे। इसके लिए गणेशजी स्वतंत्र भारत के कुंडली चार्ट का विश्लेषण करते हुए कुछ दिलचस्प पहलूओं को अापके सामने रख रहे हैं। केंद्रीय बजट 2019-2020 के ज्योतिषीय विश्लेषण के बारे में जानने के लिए आगे पढ़ें…
 

बजट में शिक्षा क्षेत्र को मिल सकता है लाभ

स्वतंत्र भारत की कुंडली में सूर्य, कर्क चंद्र राशि में है, और सूर्य 9 वें भाव से गुजर रहा है। गोचररत सूर्य, केतु और बुध के साथ मिलकर एक नया समीकरण देने की कोशिश करेगा। ग्रहों की यह स्थिति दर्शाती है कि वित्त मंत्री स्वर्ण नीति, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (पीएसयू), जीडीपी की वृद्धि दर, कराधान, आयकर के साथ ही प्रत्यक्ष औऱ अप्रत्यक्ष कर के बारे में भी कुछ नए फैसले ले सकते हैं। 5 वां भाव म्युचुअल फंड, सट्टेबाजों, दलाली घरों / कंपनियों, शिक्षा क्षेत्र और विश्वविद्यालयों का प्रतिनिधित्व करता है। इसके अलावा, लग्न ग्रह बुध कर्क राशि में स्थित है, और केंद्रीय बजट वाले दिन बुध की 9 वें भाव में केतु का साथ शुभ नहीं है। 
पारगमन शुक्र शनि और चंद्र के साथ एक संयोग बनाता है, जो भारत की कुंडली के हिसाब से 8वें  भाव में चल रहा होगा, जो इतना शुभ नहीं है। इस कारण मीडिया और मनोरंजन, लग्जरी इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, कपड़ा, रेडीमेड अपेरल्स, स्पिनिंग एजेंसियां और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को ज्यादा उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

फूड प्रोसेसिंग और पावर सेक्टर के लिए हो सकती है सकारात्मक घोषणा

दूसरे भाव का स्वामी बुध, भारत के चार्ट में बजट वाले दिन न्यूट्रल स्थिति में है, इस कारण अायात-निर्यात, उद्योग, विदेश व्यापार, राष्ट्रीय बचत योजनाएं, मुद्रा, आरबीआई नीतियां और ग्रामीण विकास कार्यक्रम के लिए कुछ समझ में न अाने वाले योजनाओं की घोषणा हो सकती है। दीर्घकालिक अवधि में तो इन्हें बेहतर कहा जा सकता है, लेकिन इसका तात्कालिक प्रभाव नहीं होगा। इसी तरह बृहस्पति का वृश्चिक राशि में 7 वें भाव में गोचर अायात-निर्यात के साथ ही नई भागीदारी से जुड़े प्रोत्साहन देने का प्रयास तो करेंगे, लेकिन चंदन, सोना, हीरे के आभूषण और इत्र अधिक महंगे हो सकते हैं। हालांकि फ्रंट फूड प्रोसेसिंग के साथ ही पावर और एनर्जी सेक्टर के लिए सकारात्मक कदम की घोषणा हो सकती है। भारत की लग्न राशि में बजट वाले दिन शुक्र 8 वें भाव में रहेगा, इस कारण स्वास्थ्य से संबंधित कार्यक्रम, खान, पेट्रोलियम उत्पाद और गैस, कोयला अादि में कुछ नया करने का प्रयास होगा।

बजट होगा मिश्रित परिणाम वाला

बजट के दिन की ज्योतिषीय गणना को अति सुक्ष्म स्तर पर देखें तो (चंद्र-गुरु-बुध-चंद्र-केतु) की दशा में बजट होगा, जिसे ठीक कहा जा सकता है, न ज्यादा शुभ न ज्यादा अशुभ। इसे मिश्रित परिणाम वाला कह सकते हैं, जो अाम जन में भ्रम पैदा कर सकते है, क्योंकि उस दिन चंद्रमा की स्थिति भी शुभ नहीं है। 

मंगल और बुध ग्रह द्वारा दर्शाए गए क्षेत्र

भारत की कुंडली और इस वर्ष की कुंडली को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष मंगल और बुध दोनों का प्रभाव हमें देखने को मिलेगा। किन सेक्टर पर इसका प्रभाव दिखेगा उसके बारे में हम नीचे जान सकते हैं। कास्टिंग और फोर्जिंग, रसायन, रियल एस्टेट, मार्बल्स- सेरामिक, चाय और कॉफी, सिगरेट, रिफाइनरीज धातु – अलौह, कृषि रसायन, फसल संरक्षण कीटनाशक, ग्रेनाइट, तांबा, एफएमसीजी, बैंक, कूरियर कंपनियां, दूरसंचार, इंटरनेट-वेबसाइट आधारित फर्म और डिजिटलीकरण उत्पाद, ब्रोकर हाउस
एनबीएफसी जैसे सेक्टर में अच्छा प्रभाव हो सकता है।

शेयर बाजार में दिखेगा बदलाव

जिस दिन केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा, स्टॉक मार्केट के स्वामी बुध 9 वें भाव में सूर्य-केतु के साथ हैं और चंद्र के नक्षत्र में अस्त के होने के कारण उस दिन शेयर मार्केट में लगातार बदलाव देखने को मिल सकता है। गणेशजी कहते हैं कि 01/02/2019 को निफ्टी आपको जॉब करने का मौका देगा। गणेश सलाह देते हैं कि लगातार प्रविष्टियां करें और न्यूनतम मार्जिन के साथ बाहर निकलें। 











29 Jan 2019


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