केंद्रीय बजट 20-2021 से कुछ बड़े आर्थिक बदलावों की ओर इशारा कर रहे हैं ग्रह-नक्षत्र


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1 फरवरी ’20 को देश की पहली पूर्ण कालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्तीय वर्ष ’20-2021 के लिए संसद में केंद्रीय बजट पेश करेंगी। जिसके दस्तावेज़ों की छपाई का कार्य वित्त मंत्रालय में हलवे की रस्म के साथ सोमवार से शुरू हो चुका है। वैसे तो हम सब जानते हैं कि भारतीय संस्कृति में कोई भी शुभ कार्य करने से पहले मीठे की रस्म अदायगी की जाती है। लेकिन जब बजट की बात आती है, तो यहाँ एक और दिलचस्प पहलू सामने आता है। वो ये है कि हलवे की रस्म से लेकर जब तक संसद में बजट पारित नहीं कर दिया जाता, तब तक वित्त मंत्रालय के कर्मचारियों को मंत्रालय में ही रखा जाता है। इस दौरान उनका बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं रहता है। यहाँ तक कि घर परिवार और रिश्तेदारों तक से संपर्क साधने की मनाही होती है।

खैर ये तो रही वित्त मंत्रालय की बात लेकिन आने वाला केंद्रीय बजट ’20-2021 भारत और देश की जनता के लिए क्या कुछ खास लेकर आएगा, इसका पता तो 1 फरवरी ’20 को ही चलेगा। लेकिन गणेशास्पीक्स के अनुभवी ज्योतिष विशेषज्ञ आचार्य श्री धर्माधिकारी जी ने स्वतंत्र भारत और बजट पेश किये जाने वाले दिन की कुंडली का गहन अध्ययन कर, केंद्रीय बजट ’20-2021 के गर्भ में छुपे कुछ खास और महत्वपूर्ण बदलावों को आपके सामने पेश करने की कोशिश की है। देश और दुनिया में वैदिक ज्योतिष के माध्यम से सटीक और उपयोगी भविष्य कथन कहने वाले कुछ चुनिंदा ज्योतिषियों में शामिल धर्माधिकारी जी बीते कई सालों से बजट, आर्थिक मामलों और शेयर बाजार को लेकर बेहद सटीक भविष्यवाणियां कर चुके है। तो आइये जानते हैं कि केंद्रीय बजट ’20-2021 को लेकर गणेशजी क्या भविष्यवाणी कर रहे हैं।

स्वतंत्र भारत की कुंडली का विश्लेषण


केंद्रीय बजट ’20-2021 के लिए भारत की कुंडली का अध्ययन करने पर पता चलता है कि स्वतंत्र भारत की कुंडली में सूर्य चंद्र राशि कर्क में बैठा है। ठीक इसी दौरान गोचर सूर्य भाग्य स्थान पर शनि के साथ युति बना रहे हैं। सूर्य और शनि की पूर्ण दृष्टि जन्म कुंडली के पांच बेहद महत्वपूर्ण ग्रहों पर पड़ रही है, जिनमें चंद्रमा-बुध-शनि-शुक्र और सूर्य जैसे महत्वपूर्ण ग्रह शामिल हैं। गोचर सूर्य के जन्म के ग्रहों पर प्रत्यक्ष प्रभावों के कारण वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोने से संबंधित कोई नई नीति, पब्लिक सेक्टर बैंक, जीडीपी वृद्धि, इनकम टैक्स और सेल्स टैक्स जैसे क्षेत्रों में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती हैं।

बजट सत्र के दौरान दसवें भाव में बुध और शुक्र जैसे ग्रहों का परिभ्रमण कोर्ट-कचहरी, नीतिगत फैसले, सेना, उच्च अधिकारीगण, पब्लिक सेक्टर यूनिट, जीडीपी ग्रोथ, कर संग्रह जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बड़े बदलावों की ओर इशारा करते है।

षड बल


यदि षड़ बल के आधार पर केंद्रीय बजट पेश किए जाने वाले दिन की संभावनाओं को तलाशा जाए तो सबसे अधिक शक्ति शनि (1.51) के पास दिखाई देती है, इसी के साथ दूसरे स्थान पर सूर्य (1.50) है जो शनि से महज .01 प्रतिशत कम शक्तिशाली है। इसलिए शनि और सूर्य के प्रभाव वाले क्षेत्रों के साथ-साथ षड़ बल चार्ट में दिखाई दे रहे अन्य सभी ग्रहों के प्रभाव में आने वाले क्षेत्र जैसे ऑटोमोबाइल, सीमेंट, कंप्रेशर्स, हैवी ड्यूटी इंजीनियरिंग, मशीनरी, रबड़, टायर, फाउंड्री और कोयले के साथ ही फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा, कृषि उत्पाद, तंबाकू, लकड़ी, पावर, बैंक, पब्लिक सेक्टर, आईटी, सॉफ्टवेयर, हेल्थ केयर आदि क्षेत्रों में नए समीकरण बन सकते हैं।

बजट वाले दिन ही बृहस्पति, केतु के साथ आठवें भाव में गोचर करेंगे। जिनके प्रभाव में शिक्षा और गंभीर बीमारी की दवाइयों से संबंधित क्षेत्रों में बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं। इसके साथ ही आरोग्य जैसे क्षेत्रों में नक़दी की तरलता बढ़ाने के प्रावधान किये जा सकते है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में नक़दी के बढ़ने से सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्र में काफी विकास की संभावना नजर आती है।

केंद्रीय बजट ’20-2021 का दिन

तारीख़ – 01 फ़रवरी ’20
समय – 11.00 बजे
स्थान – दिल्ली


बजट के दिन गोचर चंद्रमा अश्विनी नक्षत्र में और भारत की कुंडली में बारहवें स्थान से गोचर करेगा। इसका अर्थ यह है कि इस दौरान जो फैसले बजट में पेश किए जाएंगे वे एफ़आईआर फ्लो, एनआरआई, राष्ट्रीय दायित्व, विदेश मंत्री और आर्थिक सुधारों को आधार में रखकर किए जाएंगे।

जन्म कुंडली और गोचर ग्रहों के अवलोकन के बाद ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बजट के दिन जन्म के मंगल के उपर से राहु का परिभ्रमण और जन्म के केतु के उपर से मंगल का परिभ्रमण किसी बड़े और जोखिम भरे फैसले की ओर इशारा करते है। मंगल का अर्थ है पराक्रम लेकिन राहु-केतु के साथ इसका संयोग कुछ जोखिम पैदा करने का काम करता है। इसलिए इस दौरान कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में मंगल और छाया ग्रहों के योग से अधिक जोखिम और अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव बढ़ने की गुंजाईश है। इसलिए इस समयावधि के दौरान निम्न क्षेत्रों में ट्रेडिंग या किसी अन्य प्रकार का जोखिम लेने से बचें।

  • तांबा
  • ग्रेनाइट
  • लाल मिर्च
  • रिफ़ाइनरी
  • कृषि रसायन
  • खनिज पदार्थ
  • सूखी कोशिकाएं
  • धातु और अलौह
  • इलेक्ट्रिक उत्पाद
  • रंजक और पिगमेंट
  • रसायन व डिटर्जेंट
  • कास्टिंग और फोर्जिंग
  • सैन्य और रक्षा उत्पाद
  • फसल सुरक्षा कीटनाशक
  • चाय, काॅफी और सिगरेट
  • टाइल्स, मार्बल व सेरेमिक
  • आग के उत्पादन, या आग से संबंधित कारखाने

इन क्षेत्रों में सावधानी बरतने के साथ ही बड़े फैसले लेने से बचें। स्वतंत्र भारत की कुंडली वृषभ लग्न की है और बजट शुरू होने के समय मेष लग्न का उदय होगा जो व्यय भाव का है। इसी दिन सूर्य – शनि के साथ और चंद्रमा अश्विनी नक्षत्र में होगा। केंद्रीय बजट पेश करते समय ग्रहों की यह स्थिति बताती है कि सूर्य और चंद्रमा दोनों शक्तिहीन है और इसका असर केंद्रीय बजट 20-2021 पर देखने को भी मिलेगा। ग्रहों की स्थिति के कारण बजट सकारात्मक होते हुए भी उतनी ख्याती हासिल नहीं करेगा जितनी उसे करनी चाहिए। इसका सीधा अर्थ यह भी है कि देश की वित्त मंत्री को उनके कड़े परिश्रम का उचित प्रतिफल कम ही मिलने वाला है।

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गणेश की कृपा से,
गणेशस्पीक्स.कॉम टीम

23 Jan 2020


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