Vastu Tips: राशि के अनुसार सजाएं अपना घर और पाएं सफलता


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जानिए कैसे बनाएं अपना घर उत्तम, अपनी राशि के अनुसार करें वास्तु



सुन्दर घर हर किसी की तमन्ना होती है। पूरे दिन की थकान के बाद घर ही वह जगह होती है इंसान जहां सुकून ढूंढता है। कई बार हम सभी घर में होने वाले छोटे-मोटे झगड़ों और बढ़ते खर्च से परेशान होते हैं, चैन की नींद नहीं ले पाते हैं। क्या आप जानते हैं कि कई बार हमारे आस पास हो रही अप्रिय चीजों के लिए हमारे घर का डेकोरेशन और वास्तु जिम्मेदार होता है। किसी भी घर का वास्तु उस घर में कमाने वाले मुख्य व्यक्ति के राशि से आधार पर करने से समस्याओं से छुटकारा मिलता है और परिवार के आपसी रिश्ते भी मजबूत होते हैं। 

मेष राशि के लिए वास्तु

 
मेष अग्नि तत्व की राशि है। इन्हे भौतिक वस्तुएं और आरामदायक जीवन की कामना होती है। वास्तु के अनुसार मेष राशि के लोग अगर पूर्व दिशा में अपना घर बनाते हैं तो उनके लिए ये बहुत ही ज्यादा सौभाग्यशाली होता है। मेष का लॉर्ड मंगल होता है, इसलिए घर का प्रवेश द्वार पूर्व दिशा में ही होना चाहिए। साथ ही पॉजिटिव एनर्जी के लिए घर के दरवाजे पर स्वस्तिक का चिह्न जरूर बनाए। घर में पूजा का स्थान दक्षिण की तरफ रखें, और पश्चिमी क्षेत्र को खुला रखें। उस दिशा में ज्यादा फर्नीचर न रखें। पूजा स्थल उत्तर दिशा में बिलकुल भी न रखें। पूजा में भगवान गणेश की मिट्टी की मूर्ति जरूर स्थापित करें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि घर से पूर्व दिशा में बहुत ज्यादा पौधे न रखें, इससे रोग और अशांति का घर में प्रवेश होता है। 
दोष निवारण : 
अगर आपका घर का प्रवेश द्वार किसी कारण से दक्षिण की तरफ है, तो इस वास्तु दोष को ठीक करने के लिए नागफनी का पौधा घर में लगाएं। 
घर के उत्तर की ओर पौधों से घर को सजाएं। 
किसी भी धार्मिक स्थल पर पीपल के पौधे को लगाएं और उसकी सेवा करें।  

वृषभ राशि के लिए वास्तु

 
वृषभ का राशि तत्व पृथ्वी है। वृषभ अपने जिद्दी स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। वे आराम पसंद और सुंदरता को पसंद करते  हैं। उनके मूड को हलके रंग ज्यादा सूट करते हैं, इसलिए वृषभ को अपने घर में सफेद, हल्का हरा या हल्का गुलाबी रंग करवाना चाहिए। वृषभ को अपने घर का प्रवेश द्वार उत्तर-पूर्व की तरफ रखना चाहिए। ये दिशा वृषभ के लिए अच्छी होती है और जीवन तथा घर में पॉजिटिविटी, धन-संपत्ति, स्वास्थ्य, शक्ति और समृद्धि लाता है। 
दोष निवारण –
घर में तुलसी का पौधा जरूर लगाएं। 
बैलेंस के लिए घर के दक्षिण-पश्चिम की तरफ भरी सामान रखें। 
कमल-गट्टे से बनी माला किसी मंदिर में दान करें। 
घर में पॉजिटिविटी के लिए सिल्वर पीरामिड जरूर रखें। 
अगर आप इन्सोमनिआ (अनिद्रा) से परेशान हैं तो अपने घर में क्रेप जास्मिन का पौधा जरूर लगाएं। 

मिथुन राशि के लिए वास्तु

 
एयर तत्व से भरपूर दोहरे व्यक्तित्व के स्वामी मिथुन को कॉन्ट्रास्ट चीजें ज्यादा पसंद आती हैं। उनके लिए कम्युनिकेशन बहुत ही ज्यादा जरुरी होता है। वे कई बार पूरे घर से अलग कोई डाइनिंग टेबल पसंद कर सकते हैं, जहां सारा परिवार मिल कर खाए और एक दूसरे के साथ अच्छा समय बिताए। मिथुन को अपने घर का प्रवेश द्वार उत्तरी पूर्व की ओर रखना चाहिए। ये मिथुन के लिए सौभाग्य और पॉजिटिविटी  ले कर आता है। वास्तु के अनुसार, अगर मिथुन अपने घर को हरे या हल्के पीले रंग के शेड्स में रंगते हैं तो ये उनके लिए बहुत ही अच्छा होता है और लाभ देता है। घर का मध्य भाग खाली रखें और उस जगह गणपति की मूर्ति की स्थापना करें। 
दोष निवारण –
घर में देवदार का पेड़ लगाएं। 
नेगेटिविटी हटाने के लिए नमक में पानी का पोछा जरूर लगाएं। 
हर रोज तुलसी में  दीपक जलाएं।
घर में केतु पीरामिड रखें। 
घर में अगर हाथी दांत से बनी कोई वस्तु है तो उसे हटा दें। 



कर्क राशि के लिए वास्तु

 
जल तत्व से जुडी कर्क राशि के लोग बहुत ही ज्यादा भावुक होते हैं। इनके लिए सबसे सौभाग्यशाली दिशा उत्तर होती है, जिसे कुबेर से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस दिशा से जुड़ा हुआ रंग हल्का हरा है। दक्षिण से उत्तर की तरफ कर्क राशि वाले अपने घर का प्रवेश द्वार रख सकते हैं तथा घर के पश्चिम दिशा में गार्डन का निर्माण करें या पेड़ पौधे लगाएं ताकि हरियाली बनी रहें। आप घर के प्रवेश पर सिल्वर रंग का स्वस्तिक के साथ हरे रंग का गणपति की मूर्ति जरूर लगाएं। अगर आप घर में मंदिर बनाने के इच्छुक हैं तो दक्षिण-पश्चिम में भगवान विष्णु  तथा पूर्व दिशा में भगवान शिव का मंदिर स्थापित कर सकते हैं। 
दोष निवारण –
चांदी का बना पीरामिड आप अपने पॉकेट में रखें। 
दक्षिण-पश्चिम में भरी सामान न रखें। 
दौड़ते हुए घोड़े की तस्वीर अपने घर में जरूर लगाएं। 
घर के पूर्व दिशा में सूर्य यन्त्र लगाएं 
दक्षिण-पूर्व में गंगजल से भरा पात्र रखें। 


सिंह राशि के लिए वास्तु

 
सभी राशियों में सिंह सबसे ज्यादा आक्रामक और जिंदादिल राशि होती है। सफेद कॉम्बिनेशन में कोई भी ब्राइट रंग सिंह के मूड के लिए अच्छा होता है। लाल, नारंगी या पीला रंग आपके लिए सही रहेगा। उत्तर-पश्चिम की दिशा सिंह राशि के लिए सही होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर-पश्चिम दिशा की दीवार पर चांद की तस्वीर लगाना बहुत ही शुभ होता है। सिल्वर-ब्रोंज रंग का स्वस्तिक अपने घर के दरवाजे पर जरूर लगाएं। ऐसा घर जिसके आस-पास के घर खाली न हों और लोग उनमें रहते हैं, सिंह राशि वालों के लिए अच्छा फल देता है। 
दोष निवारण- 
किसी भी सार्वजानिक जगह पर लोगों के लिए पानी की व्यवस्था करना आपके पक्ष में जाएगा। 
घर के उत्तर-पूर्व की ओर पीरामिड स्थापित करें। 
घर में अनार का पेड़ लगाएं। 
घर से निकलने के पूर्व चन्दन का तिलक लगाएं।  




कन्या राशि के लिए वास्तु

 
दया और करुणा से भरी कन्या राशि, पृथ्वी तत्व की राशि है और इसे प्राकृतिक माहौल में ही अच्छा लगता है। घर में सजाने के लिए इनके लिए सबसे उपयुक्त रंग है हरा, भूरा और सफेद। इसके अलावा क्रीम का रंग भी कन्या के लिए पॉजिटिविटी लाती है। परफेक्शनिस्ट कन्या को हर चीज अपनी जगह पर रखना पसंद होता है। इसलिए इसके लिए एक ट्रेंडी ऑर्गेनाइजर वरदान की तरह है। घर बनवाने के लिए सबसे सही दिशा उत्तर-पश्चिम का है। आंगन, पश्चिम दिशा में रखना आपके लिए सही रहता है इस दिशा में आप मंदिर और गार्डन भी बनवा सकते हैं। 
दोष निवारण-  
नीम का पेड़ लगाएं। 
उत्तर-पूर्व की तरफ केले का पेड़ लगाएं। 
घर के उत्तर की ओर गणपति की मूर्ति रखें। 
पॉजिटिविटी के लिए घर में क्रिस्टल से पौधे रखें। 

तुला राशि के लिए वास्तु

 
वायु राशि तत्व की ये राशि बहुत ही ज्यादा सोशलाइट होती है। इन्हें बड़ी-बड़ी पार्टियां करना और लोगों से मिलना बहुत ज्यादा पसंद होता है। इसके लिए ऐसा घर ज्यादा सूटेबल होता है, जिसमें डाइनिंग रूम और लिविंग रूम बड़ा हो, जिसमें मेहमानों का अच्छे से स्वागत हो सकें। साथ ही घर आर्ट-पीस से सजाया हुआ होना चाहिए। घर बनाते समय तुला को बिल्डिंग का निर्माण पश्चिम दिशा में करना चाहिए और उसका प्रवेश द्वार उत्तर-पश्चिम में रखना चाहिए। ये दिशा घर के मुख्य व्यक्ति से नकारात्मकता को दूर करती है। शत्रुओं को दूर रखने के लिए घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाएं। आप घर में शिव मंदिर का निर्माण भी कर सकते हैं। 
दोष निवारण –
घर में मनी प्लांट लगाएं। 
घर के दक्षिण भाग में लाल रंग का बल्ब लगाएं। 
घर के दक्षिणी भाग में पहाड़ों के दृश्य वाली तस्वीर लगाएं। 
घर के दक्षिण-पूर्व भाग में बांस का पौधा लगाएं। 


वृश्चिक राशि के लिए वास्तु

 
जल राशि तत्व के वृश्चिक दिखावा पसंद नहीं होते हैं। इन्हे ट्रेडिशनल और कम सजावट के साथ चीजे पसंद आती हैं। अगर क्लासिक चीजों से सजावट की गई हैं, तो इन्हें बहुत ही ज्यादा पसंद आता है। इन्हे ऐसी कलात्मक चीजें पसंद आती हैं, जो यूनिक हो और जिसका कोई गहरा मतलब निकलता हो। वृश्चिक राशि के लोगों के लिए दक्षिण दिशा का घर अच्छा होता है। सामान्य रूप से दक्षिण दिशा को अशुभ माना गया है, लेकिन वृश्चिक के लिए दक्षिण दिशा बहुत ही ज्यादा शुभ फल देने वाली होती है, और पॉजिटिव एनर्जी देता है। घर के दरवाजे पर पंचमुखी हनुमान स्थापित करना वृश्चिक के लिए शुभ होता है। 
दोष निवारण –
घर के छत पर कोई भी भरी चीज ना रखें।  
घर में किसी भी तरह है पुराना या कबाड़ ना रखें। 
सार्वजानिक जगह पर पीपल का पेड़ लगाएं। 
घर में नमक के पानी का पोछा करें। 
घर के उत्तरी दिशा में एक्वीरियम जरूर रखें। 


धनु राशि के लिए वास्तु

 
अग्नि तत्व से जुडी, धनु राशि के लोग बहुत इस ज्यादा दयालु और उदार होते हैं। गुलाबी और जामुनी रंगों के शेड्स से इनका घर काफी अच्छा लगेगा। धनु को अपने घर के अंदर अच्छे बोनसाई पौधे लगाने चाहिए। इसके लिए सबसे उपयुक्त दिशा पश्चिम होती है। अगर मुमकिन हो तो रास्ता घर से दूर बनाना चाहिए, और आंगन जरूर रखें। कभी भी घर का मुख्य द्वार उत्तर-पश्चिम में न रखें। ये घर के मुखिया के लिए अच्छा नहीं होता है। घर के आंगन में तुलसी का पौधा जरूर लगाएं। 
दोष निवारण –
मंदिर में रोजाना दीप दान करें 
घर के दरवाजे पर लाफिंग बुद्धा की मूर्ति स्थापित करें। 
घर के दक्षिण दिशा में परिवार के पूर्वजों की तस्वीर लगाएं। 
घर में स्थित पानी की कोई भी टंकी हो, उसे साफ़ रखें। 




मकर राशि के लिए वास्तु

 
पृथ्वी तत्व की ये राशि लोगों के शिल्प कौशल को बहुत ज्यादा सराहती है। ये उच्च स्तर के फर्नीचर को पसंद करते हैं। इनके लिए नेचुरल शेड्स वाले रंग ज्यादा अच्छे रहते हैं, जैसे कि भूरा, काला या सफेद। मकर के लिए दक्षिण दिशा वाले घर बहुत ही शुभ होते हैं। घर में दक्षिण दिशा की जमीन को, पूर्व दिशा की जमीन से ऊंचा बनाए। ये अच्छे लाभ देता है। 
दोष निवारण –
घर में क्रिस्टल श्री यन्त्र का स्थापित करें। 
उतरी-पश्चिम दिशा में गोल्डन विंड-चाइम लगाएं। 
घर में खुशबू प्रवाहित करने वाले यन्त्र रखें। ये घर में शांति लाएगी। 
घर के दक्षिण दिशा में लैवेंडर का पौधा लगाएं। 
पॉजिटिव एनर्जी के लिए घर में स्फटिक यन्त्र लगाएं। 


कुम्भ राशि के लिए वास्तु

 
कुम्भ राशि के लोग अपने घर में ज्यादा वस्तुएं रखना पसंद नहीं करते हैं। इनका घर काफी साफ़ और खुला-खुला लगता है। कुम्भ को शांति पसंद रंग ज्यादा भाते हैं जैसे नीला और स्लेटी के शेड्स। ये रंग कुम्भ के लिविंग रूम को अच्छा लुक दे सकते हैं। वास्तु के अनुसार दक्षिण-पूर्व दिशा जिसे आग्नेय कोण भी कहा जाता है, कुम्भ के लिए अच्छी दिशा है। इस दिशा में घर का निर्माण कुम्भ के लिए अच्छा होता है। साथ ही घर के प्रवेश द्वार पर स्वस्तिक का चिह्न जरूर लगाएं। 
दोष निवारण –
घर के उतरी-पूर्व में मंदिर की स्थापना करें। 
दक्षिण-पश्चिम दिशा के जमीन के नीचे पीरामिड रखें। 
घर के दक्षिणी दिशा में पूर्वजों को स्थान दें। 
घर के पूर्वी दिशा में फूलों को जरूर लगाएं। 
नीले फूल आपके लिए बहुत ही शुभ हैं। 


मीन राशि के लिए वास्तु

 
जल तत्व की राशि मीन बहिर्मुखी होती है। उन्हें अपने घर में  मेहमानों का स्वागत करना बहुत पसंद होता है। इसके घर में स्थित काउच या आरामदायक सीटिंग अरेंजमेंट इनके स्वभाव के लिए अच्छी होती है, और बातचीत को आरामदायक बनाती है। वास्तु के अनुसार मीन को अपना घर दक्षिण-पूर्व दिशा में बनाना चाहिए। वैसे वास्तु में ये दिशा निषिध मानी गयी है, परन्तु मीन के लिए ये दिशा बहुत शुभ फल देने वाली होती है। घर के मुख्य दरवाजे पर स्वस्तिक जरूर बनाए। 
दोष निवारण –
कमल गट्टे की माला मंदिर में दान करें।
गोबर के उपलों का धुंआ घर में फैलाएं। 
घर में नमक के पानी से पोंछा लगाएं। 
घर में हंसते हुए बच्चों की तस्वीर लगाएं। 
घर के गार्डन में चमेली के पौधे लगाएं। 


24 Feb 2021


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