क्या नितीश कुमार पर दोबारा विचार करेगा बिहार? जाने क्या कहते हैं नितीश के सितारे?


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बिहार में एक आयुर्वेदिक वैद्य के घर जन्मे नितीश कुमार ने 1972 में बिहार काॅलेज ऑफ इंजीनियरिंग से विद्युत इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद वे पारिवारिक दबाव में बिहार राज्य बिजली बोर्ड में शामिल हुए। लेकिन समाज सेवा की तीव्र इच्छा ने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। उस दौर में इंदिरा गांधी लोकप्रिय नेता थीं। लेकिन इंदिरा की कुछ नीतियों से ख़फ़ा लोक नायक जयप्रकाश नारायण ने 5 जून 1974 को पटना के गांधी मैदान में एक विशाल सभा संबोधित किया। इसी मैदान से उन्होंने संपूर्ण क्रांति का नारा दिया। जयप्रकाश के शब्दों..में “संपूर्ण क्रांति से मेरा तात्पर्य समाज के सबसे अधिक दबे-कुचले व्यक्ति को सत्ता के शिखर पर देखना है।” आज देश की राजनीति में, संपूर्ण क्रांति से निकले कई नेता सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर नजर आते हैं।

बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री नितीश कुमार भी संपूर्ण क्रांति की ही देन है। छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय नितीश कुमार ने ना सिर्फ राजनीति को समझा बल्कि उसे जिया भी है। साल 1985 में पहली बार बिहार विधान सभा चुनाव जीते इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। नितीश कुमार को बाद में बिहार युवा लोकदल का अध्यक्ष चुना गया। साल 1989 में पहली बार लोकसभा का चुनाव जीते, जिसके बाद साल 1999 तक लगातार लोकसभा के सदस्य रहे। इस बीच वे लोकसभा की कई कमेटियों के सदस्य और केंद्रीय मंत्री भी रहे। साल 2000 में वे पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री चुने गए, लेकिन महज 7 दिनों में ही सरकार गिर गई। जिसके बाद उन्होंने वाजपेयी सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। साल 2004 में वे पुनः लोकसभा के लिए चुने गए, लेकिन साल 2005 में बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन और भाजपा के साथ गठबंधन के कारण वे दूसरी बार बिहार के मुख्यमंत्री चुने गए। साल 2005 से आज तक बिहार की राजनीति नीतिश कुमार के इर्द-गिर्द ही घूमती नजर आती है। फिलहाल नितीश कुमार भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री पद पर काबिज है, लेकिन साल 2020 के अंतिम महीनों में होने वाले बिहार चुनाव 2020 में उनकी सबसे बड़ी परीक्षा अभी बाकी है। उनके जन्मदिन के मौके पर गणेशास्पीक्स ने उनके भविष्य की संभावनाओं को टटोलने की कोशिश की।

नितीश कुमार की सूर्य कुंडली
नाम – नितीश कुमार
स्थान – बख्तियारपुर, बिहार
दिनांक – 1 मार्च 1951


कुंडली में ग्रहों की स्थिति
नितीश कुमार की सूर्य कुंडली में शुक्र मंगल के साथ उच्च स्थान पर बैठे हैं। लेकिन चंद्रमा दसवें भाव में कमजोर होकर बैठे हैं, वहीं शनि आठवें भाव में वक्री होकर बैठे हैं। बुध, सूर्य और गुरू जैसे बड़े ग्रह राहु के साथ लग्न स्थान पर बैठे हैं। आयुष्य भाव में बैठे शनि जन्म के चंद्र और मंगल-शुक्र पर दृष्टि डाल रहे हैं।

कैसा रहेगा साल 2020?
नितीश कुमार की सूर्य कुंडली में ग्रहों की स्थिति और गोचर गुरू का प्रभाव पक्ष में काम कर सकता है। गोचर गुरू की चाल नितीश कुमार को राजनीतिक लाभ देने का भी कार्य कर सकती है। गोचर गुरू के अच्छे और प्रबल सकारात्मक प्रभाव जून 2020 के बाद देखने को मिल सकते हैं। गुरू की सकारात्मक स्थिति बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में नितीश कुमार की सफलता के भी संकेत देती है। हालांकि इससे पहले गोचर शनि उन्हें राज्य हित में कुछ कड़े फैसले लेने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे 2020 बिहार चुनाव में नितीश को जनता से अधिक समर्थन मिलने की उम्मीद है। हालांकि गोचर शनि उनके कौशल और धैर्य की भी परीक्षा लेने वाले हैं। लग्न में राहु की मौजूदगी उन्हें विवादों में और अप्रासंगिक बहस में डालने का कार्य कर सकती है। राहु के प्रभाव में जातक के मन में कुछ तनावपूर्ण स्थितियाँ पैदा हो सकती हैं, जिससे अपने आसपास के व्यक्तियों के साथ मतभेद पैदा हो सकता है। इसके विपरीत उनकी कुंडली में मौजूद कुछ सकारात्मक ग्रह उन्हें इन सभी स्थितियों पर जीत प्राप्त करने में सहायता कर सकते हैं। इससे उनकी प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि पर कोई गहरा प्रभाव नहीं पड़ने वाला है।

नितीश कुमार की सूर्य कुंडली और गोचर ग्रहों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि, जून 2020 के बाद नितीश कुमार पर सरकार और पार्टी की कुछ अतिरिक्त जिम्मेदारियों का बोझ आ सकता है। हालांकि इसके माध्यम से वे आगामी समय में राजनेताओं की एक अच्छी टीम तैयार करने में सफल होने वाले हैं। अपनी मौजूदा सरकार के माध्यम से कुछ नई रणनीतियां तैयार करेंगे, और अपनी नई टीम के माध्यम से अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार ग्रहों का सकारात्मक प्रभाव उन्हें लाभ देने का कार्य कर सकता है। आपके लिए कैसा रहेगा साल 2020? क्या आपको भी मिलेगा इस वर्ष लाभ? जानने के लिए प्राप्त करें अपना वार्षिक राशिफल।


स्वास्थ्य
स्वास्थ्य के लिहाज से साल 2020 के दौरान उनका स्वास्थ्य औसत बना रहेगा। हालांकि गोचर शनि उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालने का कार्य कर सकते हैं। इस दौरान उन्हें अपने स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों के प्रति सचेत रहते हुए, उपयुक्त सावधानी बरतने का प्रयास करना चाहिए। इस समयावधि में उन्हें अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए। अपने खाने और सोने के प्रति अधिक गंभीर रहने की भी सलाह है। हालांकि कुंडली में ग्रहों की स्थिति के आधार पर कहा जा सकता है, कि उन्हें किसी तरह की कोई गंभीर बीमारी की कोई संभावना नजर नहीं आती है।

सारांश के तौर पर कहें तो साल 2020 नितीश कुमार के राजनीतिक और सामाजिक जीवन के लिए अनुकूल और सकारात्मक रहने वाला है।

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गणेशजी की कृपा से,
गणेशस्पीक्स.कॉम टीम

04 Mar 2020


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