डी मार्ट भविष्यवाणी 2017: डी मार्ट के लिए तेजी का समय


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डी मार्ट के आर्इपीआे को लेकर चर्चाआें का बाजार गर्म है। एनएसर्इ की रिपोर्ट के अनुसार, सुपरमार्केट रिटेल श्रृंखला के आॅपरेटर डी मार्ट का 104.34 बार आेवरसब्स्क्राइव हुआ आैर 462.96 करोड़ की बोली प्राप्त हुर्इ। इस लेख में, गणेशजी डी मार्ट की स्थापना कुंडली में ग्रहों के कारकों का विश्लेषण कर रहे है आैर बता रहे है डीमार्ट के आर्इपीआे को क्या भविष्य होगा । 

डी मार्ट 
स्थापना की तारीख: 15 मर्इ, 2002
स्थापना का स्थान: मुंबर्इ, महाराष्ट्र, भारत

सूर्य कुंडली 

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विशेषताआें का विश्लेषण: 

डी मार्ट की स्थापना कुंडलीः 6 ग्रहों की महायुति 
गणेशजी कहते है कि डी मार्ट की स्थापना कुंडली में विभिन्न अनिश्चित आैर असामान्य ग्रहों का विन्यास है। कुंडली के पहले भाव में ‘ सूर्य, बुध, मंगल, शुक्र, शनि आैर राहु ‘ इन छः ग्रहों की महायुति हो रही है। इसके कारण, चरम परिस्थितियों की उच्च संभावनाएं है। जब हालात सकारात्मक होंगे, तो पूर्ण स्थितियां सकारात्मक हो जाएगी, लेकिन जब नकारात्मक घटनाएं स्थान बनाएगी, तो हालात पूरी तरह से विपरित हो जाएंगे। 


डी मार्ट की कुंडली में गजकेसरी योग 
दूसरे भाव में गुरू आैर चंद्र की युति मजबूत राजयोग बना रही है, जिसे गजकेसरी योग कहेंगे। जिस तरह ये योग दूसरे भाव में जगह बना रहा है, एेसे में कंपनी अच्छी वित्तीय स्थिति आैर नकदी प्रवाह का आनंद लेने में सक्षम होगी। 

डी मार्ट के लिए सकारात्मक :

सूर्य का फैक्टर 
डी मार्ट की स्थापना कुंडली में पहले भाव में सूर्य , कंपनी के त्वरित विकास के संकेत दे रहा है। वहीं कर्मचारी कंपनी के प्रति काफी समर्पित होंगे आैर जो कंपनी के लक्ष्यों आैर विचारों के साथ खुद को अच्छी तरह से श्रेणीबद्घ करेंगे। यह स्थानन सफलता की अत्यधिक संभावनाआें को इंगित करता है।

मंगल की ताकत 
पहले भाव में मंगल बिजनेस की प्रक्रिया को गति देता है आैर कर्मचारियों के अंदर ऊर्जा भरता है, साथ ही उन्हें उत्साही आैर प्रतिस्पर्धी बनाता है। 

बुध का सहारा 
पहले भाव में बुध की उपस्थिति अनुकूल परिणाम लाएगी, जो व्यापार की प्रक्रिया को आसान बनाएगा। ये कंपनी को संबंधित एजेंसियों आैर निवेशकों के साथ अच्छे संबंधों का आनंद लेने में मदद करेगा।  

शुक्र का आशीर्वाद 
डी मार्ट की स्थापना कुंडली में शुक्र लग्न का स्वामी है आैर इसका लग्न में विराजमान होना एक सामंजस्यपूर्व वर्क कल्चर का प्रतिनिधित्व करता है। इस पहलू के कारण, कंपनी निवेशकों को आसानी से अाकर्षित करने में सक्षम होगी।  

नकारात्मक रूपः 

शनि-राहु की युति 
पहले भाव में शनि आैर राहु की युति बहुत सारी परेशानियां आैर निश्चित क्षेत्र में विलंब उत्पन्न करेगी। इस फैक्टर के कारण, कंपनी को अचानक समस्याआें आैर अनुशासनहीनता के मसलों का सामना करना पड़ सकता है। ये कुछ अवसरों पर कंपनी की छवि को खराब कर सकता है। 

डी मार्ट : अगला क्या?

संपूर्ण विकास अौर शेयर बाजार का विस्तार 
वर्तमान में, विस्तार का ग्रह – गुरू, शेयर बाजार आैर सट्टेबाजी के पांचवें भाव से गोचर कर रहा है। पांचवें भाव से गुरू का गोचर शुभ परिणाम लाएगा आैर कंपनी का फोकस ट्रेनिंग, डवलपमेंट आैर प्रबंधन गतिविधियों का फेरबदल करने पर बढ़ाएगा। ये संपूर्ण समृद्घि भी लाएगा। 

वहीं दूसरी आेर, शुक्र ग्यारवें भाव से अपनी उच्च राशि में गोचर कर रहा है। गणेशजी कहते है कि किसी भी रिटेलिंग कंपनी को रिटेलिंग इंडस्ट्री में उन्नति करने के लिए, शुक्र काफी मजबूत होना चाहिए। डी मार्ट की बात करें,उसकी स्थापना कुंडली में शुक्र मजबूत है। एेसे में, कंपनी को शुक्र के आशीर्वाद से लाभ मिलने की संभावना है। इसके अलावा,  ये वो कारक होगा जो इंवेस्टर्स आैर ट्रेडर्स को दृढ़ता से आकर्षित करेगा।

इन दोनों पहलूआें को ध्यान में रखते हुए, कंपनी आर्इपीआे सेक्टर में अच्छा लाभ पाने में सक्षम होगी आैर हार्इलेवल के कलेक्शन का आनंद लेने में सक्षम होगी। 

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शनि लगाएगा ब्रेक 
इन सबके बीच, शनि अपनी खुद की भूमिका निभाएगा आैर कुछ बाधाआें का कारण होगा। खासतौर से 21 जून, 2017 से 26 अक्टूबर, 2017 के बीच शनि सातवें भाव से गुजरेगा आैर पहले भाव में ग्रहों की महायुति पर दृष्टि डालेगा। एेसे में गणेशजी इस अवधि में सभी निवेशकों को मुनाफा बुक करने आैर इसके बाद निकल जाने की सलाह देते है। उपरोक्त अवधि कंपनी के लिए आसान नहीं होगी।  

गणेशजी के आशीर्वाद सहित



10 Mar 2017


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