बीएसपी के वोट बढ़ेंगे, मायावती बनेगी किंग या किंग मेकर, पढ़िए !


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लोकसभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने अपनी-अपनी तैयारी शुरू कर दी है। इसे लेकर बयानबाजी का दौर भी चल रहा है। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के देवबंद में हुई रैली में बसपा प्रमुख मायावती ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए वोट न बंटने देने की अपील करते हुए समुदाय का सारा वोट गठबंधन को देने की अपील की थी। उनके इस बयान की भाजपा ने तीखी आलोचना भी की। हालांकि इन सबके बीच बसपा यूपी में कहीं अकेले तो कहीं गठबंधन के साथ मिलकर सीट बटोरने की तैयारी में है। ऐसे में हम बसपा की कुंडली का विश्लेषण कर यह जानने का प्रयास करेंगे कि आगामी चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहेगा। 
 

बीएसपी की कुंडली


 

क्या कहते हैं बीएसपी के सितारें

– आगामी चुनावों के दौरान बसपा, राहु-मंगल के दशा काल से गुजर रही है।
– मतदान के पहले दो चरणों के दौरान पारगमित बृहस्पति जन्म के बृहस्पति के ऊपर से आगे बढ़ेगा। शेष चरणों के दौरान यह 10 वें भाव के स्वामी मंगल पर से गुजरेगा।
– बसपा के फाउंडेशन चार्ट में शनि और केतु का गोचर चौथे घर से चंद्रमा पर से हो रहा होगा। 

बीएसपी के लिए भविष्यवाणी (ज्योतिषीय विश्लेषण)

बृहस्पति के गोचर का प्रभाव पार्टी के लिए अनुकूल होगा और इसलिए आगामी चुनावों के दौरान बसपा का प्रदर्शन काफी बेहतर रहेगा। अनुकूल सितारों के मुताबिक पार्टी अपने मतदाता-आधार का विस्तार करेगी। इतना ही नहीं पारंपरिक मतदाता भी पार्टी के प्रति वफादार रहेंगे। इन सबके बीच चुनावों में बसपा के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। लेकिन, शनि के गोचर का प्रभाव आगामी लोकसभा चुनावों में काफी कठिन मुकाबले का संकेत देता है। हालांकि पार्टी का प्रतिबद्ध वोट बैंक पार्टी को अपना समर्थन जारी रखेगा, लेकिन बसपा के आंतरिक कलह के कारण वह इसका पूरा लाभ लेने में असफल साबित होगी। इतना ही नहीं पार्टी और उसके सहयोगी दलों के बीच समन्वय का अभाव होगा। साथ ही, बीएसपी को आंतरिक संघर्षों का सामना करना पड़ेगा जो चुनाव अभियान के दौरान खुलकर सामने आएगा और अपने समर्थकों में सद्भाव स्थापित करना पार्टी नेतृत्व के लिए काफी मुश्किल भरा कार्य होगा। हालांकि बसपा प्रतिद्वंद्वी पार्टी के वोट शेयर में थोड़ा सेंध तो लगाएगी, लेकिन अंतिम रुप से अपने लक्ष्य को हासिल कर पाने में वह सक्षम नहीं हो सकेगी। 

 

सुधरेगा बीएसपी का प्रदर्शन

पार्टी के फाउंडेशन चार्ट के विश्लेषण से पता चलता है कि बसपा के प्रदर्शन में सुधार होगा और उसका वोट शेयर भी बढ़ेगा। यही नहीं पार्टी की सीट संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। हालांकि, बीएसपी वांछित लाभ प्राप्त नहीं कर पाएगी और कुछ महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों में उसकी स्थिति कमजोर होने की संभावना है। 




15 Apr 2019


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