बिहार विधानसभा चुनाव 2020: तारीख और जानिए कौन से महत्वपूर्ण चेहरे करेंगे जो होंगे इस चुनाव में खास


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चुनाव आयोग ने बिहार चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया गया। चुनाव आयोग के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में मतदान प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी। तीसरे और अंतिम चरण में विधानसभा की 78 सीटों पर चुनाव होगा और 10 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के रिजल्ट की घोषणा की जाएगी। गणेशास्पीक्स डॉट कॉम/हिंदी पर जानिए बिहार चुनाव का पूरा शेड्यूल।

कब है बिहार विधानसभा चुनाव 2020

बिहार विधानसभा 2020 में 28 अक्टूबर से 7 नवंबर तक तीन चरणों में पूरे होंगे। बिहार विधानसभा चुनावों के रिजल्ट 10 नवंबर को आने वाले हैं और 23 नवंबर से पहले नवनिर्वाचित सरकार को शपत भी ग्रहण करनी है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2020: पहला चरण मतदान 28 अक्टूबर को

साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में पूरे किये जाएंगे। बिहार विधानसभा 2020 पहले चरण के चुनाव 28 अक्टूबर 2020 को होंगे। इसमें बिहार की 71 विधानसभा सीटों पर 31 हजार पोलिंग स्टेशन पर मतदान किया जाएगा। 
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के पहले चरण की 71 विधानसभा सीटों के लिए अधिसूचना एक अक्टूबर को जारी की जाएगी और नामांकन की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर रहेगी। 

बिहार चुनाव 2020 पहले चरण में कहां मतदान

 सिकंदरा, वारसलीगंज, सुल्तानगंज, बोध गया, अमरपुर, धौरैया, बांका, कटोरिया, सासाराम, बेलहर, तारापुर, नवादा, वजीरगंज, टिकारी, मुंगेर, दिनारा, जमालपुर, काराकट,  शाहपुर, सूर्यगढ़ा, लखीसराय, जहानाबाद,  शेखपुरा, बरबीघा, बक्सर, मोकमा, बाढ़, रामगढ़, मसौढ़ी, पालीगंज, कहलगांव, रजौली हिसुआ, बड़हरा, आरा, झाझा, अगिआंव, तरारी, चकाई, जगदीशपुर,ब्रहमपुर, ओबरा,  नवीनगर,  राजपुर, संदेश, जमुई, डिहरी, मोहनियां, भभुआ, डुमरांव, चैनपुर, बिक्रम, चेनारी,  करगहर,  नोखा,  अतरी, कुर्था, घोसी, मखदुमपुर, गोह, कुटुम्बा, औरंगाबाद, रफीगंज, गुरूआ, शेरघाटी, इमामगंज, बाराचट्टी, गया टाउन, बेलागंज, गोबिंदपुर, और अरवल सीटों पर मतदान होगा।


बिहार विधानसभा चुनाव 2020: दूसरा चरण का मतदान 3 नवंबर को

 
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दूसरे चरण की 94 विधानसभा सीटों के लिए 9 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की जाएगी। दूसरे चरण के चुनावों के लिए 16 अक्टूबर तक नमांकन किया जा सकता है। मतदान तीन नवंबर को है।

बिहार चुनाव 2020 के दूसरे चरण में कहां मतदान

दूसरे चरण में भागलपुर, सुल्तानगंज, नाथनगर, अस्थावां, हरसिद्धि, बेलदौर, केसरिया, मधुबनी, बिहार शरीफ, कल्याणपुर, पिपरा, मधुबन, शिवहर, सीतामढ़ी,  राजनगर, झंझारपुर, फुलपरास, कुशेश्वरस्थान, बेलसंड, गौड़ाबौराम, रून्नीसैदपुर,  बेनीपुर, अलीनगर, दरभंगा ग्रामीण, मीनापुर, कांटी, बैकुण्ठपुर, बरौली, गोपालगंज, कुचायकोट, छपरा, गरखा, अमनौर, भोरे, हथुआ, सिवान, जीरादेई, दरौली, रघुनाथपुर, दरौंदा, बड़हरिया गौरेयाकोठी, एकमा, मांझी, नौतन, चनपटिया, बेतिया, बनियापुर, तरैया, मढ़ौरा, परसा,  बरूराज, पारू, साहेबगंज, सोनपुर, हाजीपुर, लालगंज, वैशाली, महुआ, राजा पाकार, राधोपुर, महराजगंज, महनार, उजियारपुर, मोहिउद्दीननगर, विभूतिपुर, रोसड़ा, फतुहा, दानापुर, मनेर, हसनपुर, चेरिया बरियारपुर, बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी, साहेबपुर कमाल, बेगूसराय, बखरी, अलौली, खगड़िया, गोपालपुर, पीरपैंती, कहलगांव, फुलवारी, बिहपुर, गोविंदगंज, हिल्सा, नालंदा, हरनौत, बख्तियारपुर, दीघा, बांकीपुर, कुम्हरार, राजगीर, इस्लामपुर, परबत्ताऔर पटना साहिब सीटों के लिए वोट पड़ेंगे।

बिहार चुनाव 2020: तीसरे चरण का मतदान 7 नवंबर को

 
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के तीसरे चरण की 78 विधानसभा सीटों के लिए 13 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की जाएगी। तीसरे चरण के चुनावों के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 20 अक्टूबर है। मतदान 7 नवंबर को है।

बिहार चुनाव 2020 के तीसरे चरण में कहां मतदान

तीसरे चरण में बिस्फी, लौकहा, पिपरा, बख्तियारपुर, महशी, हायाहाट, निर्मली, हरलाखी, वाल्‍मीकिनगर, रामनगर, नरकटियागंज, बगहा,  चिरैया, ढाका, सिकटी, रुपौली, लौरिया, सिकटा, आलमनगर, बिहारीगंज, रक्सौल, सुगौली, नरकटिया, मोतिहारी, बहादुरगंज, ठाकुरगंज, फारबिसगंज, अररिया, जोकाहाट, रीगा, बथनाहा, परिहार, सुरसंड़, बाजपट्टी, महुआ, पातेपुर, कल्याणपुर, बोचहां, बेनीपट्टी, खजौली, बाबूबरही, सुपौल,  सिंधेश्वर, सरायरंजन, मधेपुरा, अमौर, बायसी, कसबा, बनमनखी, धमदाहा, कटिहार, कदवा, बलरामपुर, प्राणपुर, रानीगंज, किशनगंज, कोचाधामन, मनिहारी, बरारी, त्रिवेणीगंज, छातापुर, नरपतगंज, कोढ़ा, वारिसनगर, समस्तीपुर, मोरवा, सोनबरसा, सहरसा, सिमरी  बहादुरपुर, केवटी, जाले, गायघाट, औराई, मीनापुर, सकरा, कुढनी, मुजफ्फरपुर और पूर्णिया सीटों पर मतदान होगा।

बिहार चुनाव 2020 के महत्वपूर्ण चेहरे

 

– नीतीश कुमार – बिहार के मौजूदा मुख्यमंत्री और एनडीए के मुख्यमंत्री पद के भावी उम्मीदवार नीतीश कुमार कुल पांच बार बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पिछले चुनावों की भांति ही इस बार भी नीतीश कुमार को टक्कर देने वाला कोई चेहरा विपक्ष के पास फिलहाल तो नजर नहीं आता है।
– तेजस्वी यादव – बिहार के मौजूदा नेता प्रतिपक्ष और राघोपुर विधानसभा से विधायक तेजस्वी यादव एक युवा नेता है। साल 2015 से 2017 तक तेजस्वी यादव बिहार के उप मुख्यमंत्री भी रहे हैं। इस चुनाव में तेजस्वी के कंधों पर पिता लालू की राजनीतिक विरासत को बचाने और नीतीश कुमार के राजनीतिक अनुभव की चुनौती होगी। 
– चिराग पासवान – राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान बिहार के कद्दावर नेता और मौजूदा केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे हैं। बिहार चुनाव 2020 में चिराग एक महत्वपूर्ण राजनीति ध्रुव की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कई मंचों से अपने गठबंधन साथी नीतीश कुमार पर निशाना साधा और उन्हें एक कमजोर मुख्यमंत्री के रूप में पेश करने की कोशिश की है। मौजूदा समय में चिराग भाजपा और एनडीए गठबंधन में अपनी पार्टी के लिए अधिक से अधिक सीटों की मांग पर अड़े हैं। पार्टी की संसदीय दल की बैठक में उन्हे गठबंधन पर अंतिम फैसला लेने के लिए फ्री हेंड दिया गया है। अब देखना यह है कि गठबंधन के साथ या अलग होकर वे किस तरह बिहार की राजनीति में अपनी पकड़ और महत्व बनाए रखते हैं। 

बिहार चुनावों को प्रभावित करने वाले अन्य चहरे

लालू प्रसाद यादव, उपेंद्र कुशवाह, जीतन राम मांझी, शक्ति सिंह गोहिल, सुशील मोदी, मुकेश सहनी और रंजीत रंजन उर्फ पप्पू यादव, प्रशांत किशोर, कन्हैया कुमार।

जेपी की संपूर्ण क्रांति से जन्मी आज के बिहार की राजनीति

बिहार को समझने के लिए आपको थोड़ा पीछे चलना होगा। साल 1974, जगह थी पटना का गांधी मैदान, मंच पर थे देश के जाने माने गांधीवादी नेता जयप्रकाश नारायण। आज के बिहार की राजनीति में जितने भी बड़े नेता है आप बस नाम लीजिए लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, जीतन राम मांझी, सुशील कुमार मोदी, रामविलास पासवान, रविशंकर प्रसाद जैसे बड़े बड़े नेता उस दौर में काॅलेज की पाॅलिटिक्स किया करते थे। होस्टल और कैंटीन के दामों में बढ़ोतरी को लेकर शुरू हुआ आंदोलन कब इंदिरा गांधी की सत्ता को चुनौती देने लगा इसकी भनक सरकार को लगते-लगते देर हो गई और 1975 में इंदिरा गांधी की सरकार ने इमरजेंसी की घोषणा कर दी। इमरजेंसी के बाद जेपी सहित देश के कई बड़े नेताओं को मीसाबंदी कानून के तहत जेल में डाल दिया गया। इसके बाद जेपी आंदोलन में शामिल इन युवा नेताओं ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वे बिहार की राजनीति में एक तारे की तरह चमकते रहें।

(हम गणेशास्पीक्स डॉट कॉम/हिंदी पर बिहार चुनाव के महत्वपूर्ण चेहरों और उनकी कुंडली पर जरूर बात करेंगे। आगे हम जानने की कोशिश करेंगे ग्रह-नक्षत्र इस बार किसका साथ दे रहे हैं। )

28 Sep 2020


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