कुंडली के चौथे भाव में सूर्य की महत्ता जातक को किस प्रकार पारिवारिक और घरेलू बनाती है


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भारतीय ज्योतिष के अनुसार चौथे भाव को बंधु भाव के रूप में भी जाना जाता है। यह भाव घरेलू ख़ुशियों के लिए महत्त्वपूर्ण होता है। वास्तव में, यह जातक की मूल प्रवर्ति और जड़ों को दर्शाता है। साथ ही उन चीजें को भी प्रभावित करता है, जो उन्हें अपने मूल स्थान या मूल से जोड़ती हैं, ये सब चौथे भाव के प्रभाव में ही आती हैं। इसमें संपत्ति, घर, ज़मीन, मवेशी, अचल संपत्ति, वाहन और आदि शामिल हैं। खैर, चौथे भाव में सूर्य की उपस्थिति इंगित करती है कि जातक परिवार और घरेलू मामलों में बहुत रुचि लेगा।

चौथे भाव में सूर्य के कारण प्रभावित क्षेत्र

रिश्ते
शिक्षा और ज्ञान
पारिवारिक जीवन
सामाजिक प्रतिष्ठा
दूसरों के प्रति रवैया

सकारात्मक लक्षण/प्रभाव

जिन व्यक्तियों की कुंडली में सूर्य चौथे भाव में होता है, वे अत्यधिक परिवार-उन्मुख और गृह-केंद्रित होते हैं। ये घरेलू मामलों में बहुत रुचि लेते हैं। अपने परिवार के सदस्यों की अच्छी देखभाल करते हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि उनके परिवार के सदस्यों को समस्याओं का सामना न करना पड़ें। ऐसे जातक यह भी सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, कि उनके परिवार के सदस्य उच्च स्थिति का आनंद लें।

लेकिन चौथे भाव में स्थित सूर्य वाले जातकों की विशिष्ट विशेषताओं में से एक यह है कि वे बड़े सपने देखते हैं। वे छोटी-छोटी घटनाओं या घटनाक्रमों में दूर-दूर तक नजर नहीं आते। वे अपनी दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों में शांत रहते हैं। वे पहले अपनी बुनियादी ज़रूरतों को भी पूरा करते हैं ताकि वे आगे बढ़ सकें और दूसरों की मदद कर सकें। वे उम्र के साथ और बेहतर होते जाते हैं।

इन जातकों को आसपास के लोग भी पसंद करते हैं। अन्य लोग चौथे भाव में सूर्य की उपस्थिति वाले जातकों की सहायक प्रकृति को स्वीकार करते हैं। चौथे भाव में सूर्य की स्थिति वाले जातक बिल्कुल भी सार्वजनिक व्यक्ति नहीं होते, लेकिन वे अपने जीवन में प्रमुख व्यक्तियों को बहुत अधिक महत्व देते हैं।

नकारात्मक लक्षण/प्रभाव 

जिन लोगों की कुंडली के चौथे भाव में सूर्य स्थित होता है, उनकी जीवन में कई बार ऐसे क्षण भी आते हैं, जब वे बहुत हतोत्साहित और परेशान महसूस करेंगे। वे अपनी समस्त अच्छाइयों और दूसरों की मदद करने की प्रवर्ति और इच्छा को भी छोड़ना चाहेंगे। यह बहुत ही कठिन समय होगा जब उन्हें आशा की कोई किरण नज़र नहीं आएगी। हालाँकि यदि वे इस बात में विश्वास रखते हैं कि ‘यह समय भी बीत जायेगा’ तो बहुत जल्द ही वे अपनी समस्याओं और परेशानियों से बाहर निकल सकते हैं।

इसके अलावा, वे अपने माता-पिता के मजबूती से प्रभावित होते हैं, जो नकारात्मक पक्ष भी हो सकता है। वे अपने जीवन साथी के प्रति अनुचित रूप से व्यवहार कर सकते हैं, क्योंकि वे अपने माता-पिता का आँख बंद कर के अनुसरण करते हैं। जिससे वैवाहिक वैमनस्य पैदा हो सकता है, जो उनके जीवन और आनंद को बाधित कर सकता है। अपनी समस्याओं को दूर करें, अपनी खुशी को अधिकतम करें। जन्मपत्री प्राप्त करें और जीवन में सफलता प्राप्त करें।

इसके अलावा, वे गृह-केंद्रित होते हैं। वे घर में सबसे आरामदायक और सबसे प्रभावी स्थिति में होते हैं। वे अपने पारिवारिक जीवन में अधिक घुलमिल कर रहते हैं। घरेलू मामलों में उनकी उपस्थिति और आवाज़ मजबूत होती है। हालांकि, कई बार पारिवारिक जीवन में उनके काफी हावी होने की संभावना होती है। उन्हें इस मोर्चे पर सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि कोई भी व्यक्ति अत्याचार पसंद नहीं करता।

एक संभावना यह भी है कि वे स्वयं को सर्वश्रेष्ठ मान सकते हैं। यदि वे दूसरों का सम्मान करते हैं तो यह समस्या नहीं रहेगी। लेकिन ऐसा नहीं है। वे दूसरों से ज्यादा ख़ुद से प्यार करते हैं। यह उनकी छवि और यहां तक ​​कि उनकी अच्छाई को भी नुकसान पहुंचा सकता है। उन्हें लग सकता है कि भविष्य के लिए उनकी योजना सबसे अच्छी है और कोई और ऐसा नहीं करता है। यह उनके और अन्य लोगों के बीच अंतर पैदा कर सकता है।

निष्कर्ष

वे अपने परिवार के सदस्यों और घरेलू खुशी के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए होते हैं। वे अपने निकट और प्रिय लोगों की अच्छी देखभाल करते हैं। लेकिन उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे उन्हें अनुचित रूप से लाड प्यार न करें। बस जरूरत पड़ने पर वहां होना और उनकी मदद करना पर्याप्त है। इसके अलावा, घर से बाहर की चीजों को नज़रअंदाज़ करना जीवन जीने का एक अच्छा तरीका नहीं हो सकता है, जिसमे संतुलन होना चाहिए।

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गणेशजी की कृपा से,
गणेशस्पीक्स.कॉम टीम

28 Jan 2020


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