अल्फाबेट और गूगल में बड़े बदलावों के संकेत देती सुंदर पिचाई की कुंडली: ज्योतिषीय विश्लेषण!


Share on :


10 जून 1972 को मदुरै (तमिलनाडु) के एक सामान्य परिवार में जन्मे सुंदराजन पिचाई आज दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेक कंपनी गूगल व उसकी मूल कंपनी अल्फाबेट के सीईओ के तौर पर कार्यरत है। आज दुनिया उन्हे सुंदर पिचाई के नाम से पहचानती है। टेक्नोलाॅजी के प्रति लगाव और अपनी बौद्धिक क्षमता के बल पर पिचाई ने महज 11 सालों में गूगल सीईओ तक का सफर पूरा कर लिया। 2004 में गूगल के प्रोडक्ट और इनोवेशन शाखा से जुड़े सुंदर ने 2015 तक कंपनी के लगभग हर बड़े प्रोजेक्ट पर ना सिर्फ काम किया बल्कि उन्हे अपने नवीन विचारों से सफलता के शीर्ष तक भी पहुंचाया। देश के छोटे से  शहर से दुनिया की शीर्ष कंपनी के सीईओ बनने तक के सफर में पिचाई का साथ जहां उनकी बौद्धिक क्षमता और नवाचार के विचारों ने दिया, तो वहीं दूसरी ओर वैदिक ज्योतिषी के अनुसार उनकी कुंडली भी उनकी सफलता के लिए मार्ग प्रशस्त करने का काम करती रही। पिचाई की कुंडली का गहन अध्ययन करने पर पता चलता है कि उनकी कुंडली में मौजूद ग्रह शुरूआत से ही सुंदर को अपने कार्य के प्रति लग्नशील बनाने के साथ नवाचार के लिए प्रेरित करते आए है।

सुंदर पिचाई की कुंडली

नाम – पिचाई सुंदराजन उर्फ सुंदर पिचाई
जन्म – 10 जून 1972
स्थान – मदुरै (तमिलनाडु)

सुंदर पिचाई की कुंडली पर एक नजर

सुंदर पिचाई की कुंडली पर नजर दौड़ाने पर पता चलता है कि प्रथम भाव में चंद्र-शनि-सूर्य की युति है। दूसरे भाव में बुध-वक्री, शुक्र और मंगल है। तृतीय भाव में केतु है। अष्टम भाव में वक्री गुरू है। नवम भाव में राहु बैठा है। कुंडली में सबसे महत्वपूर्ण दशम भाव होता है, जो पद-प्रतिष्ठा देता है। भाग्य भाव का स्वामी शनि है और वह प्रथम भाव में पराक्रम भाव के स्वामी चंद्र के साथ बैठा है। सुंदर की जन्म कुंडली के प्रथम भाव में बन रही ग्रहों की यह स्थिति जातक को अपने कर्मों के बल पर प्रसिद्धि और सफलता दिलाने का कार्य करती है। जन्म कुंडली के लग्न में सूर्य-चंद्र-शनि की मौजूदगी कर्म क्षेत्र में विशेष उन्नति और उच्च स्थान की प्राप्ती को दर्शाते है। लग्नेश शुक्र धन भाव में स्वग्रही बुध के साथ बैठे है। ग्रहों की इस स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि मौजूदा समय में सुंदर पिचाई को मिला उच्च पद इन ग्रहों की प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष  स्थिति का ही नतीजा है।

गोचर ग्रहों का प्रभाव और आगामी दौर

सुंदर पिचाई की कुंडली में मौजूदा गोचर ग्रहों की बात करें तो राहु धन भाव में जन्म के बुध-वक्री शुक्र और मंगल पर से भ्रमण कर रहे है। गोचर मंगल छठे भाव में भ्रमण कर रहे है। गोचर बुध-सूर्य सप्तम भाव में भ्रमण कर रहे है। गोचर शनि-केतु-गुरू अष्टम भाव में भ्रमण कर रहे हैं। गोचर ग्रहों की इस स्थिति का जातक के करियर पर मिलाजुला असर देखने को मिलता है। इस दौरान जातक को पुराने तौर तरीके छोड़कर नए तरीकों का अनुसरण करने पर सफलता मिलती है।  ग्रहों की इस स्थिति का लाभ जातक को आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी के रूप में मिलता है। बढ़ा आत्मविश्वास किसी भी परिस्थिति या लोगों पर पूर्ण वर्चस्व हासिल करने में मदद करेगा। हालांकि ग्रहों की यह स्थिति सदैव सकारात्मक परिणाम नहीं देगी और आने वाले समय में अपने करियर से जुड़ी कुछ बाधाओं का सामना भी उन्हे करना पड़ सकता है। लेकिन यह मुश्किलें उन्हे लंबे समय तक प्रभावित नहीं कर पाएंगी और अंततः सफलता मिलेगी। यह अवधि उतार-चढ़ावों से भरी होगी लेकिन अंतिम परिणाम संतोषजनक होगा।


अल्फाबेट और गूगल में बदलावों के संकेत देती सुंदर की कुंडली

अल्फाबेट गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई की कुंडली का वैदिक ज्योतिष के अनुसार अध्ययन कर कहा जा सकता है, कि आने वाले समय में पिचाई को अपने करियर में अच्छे व बुरे दोनों ही तरह के दौर का सामना करना पड़ेगा। लेकिन वे अपनी बौद्धिक क्षमता, नवाचार और  नेतृत्व क्षमता के बल पर गूगल और उनकी मूल कंपनी अल्फाबेट दोनों को ही सफलतापूर्वक संभाल पाएंगे। सुंदर पिचाई के नेतृत्व में अल्फाबेट गूगल नई ऊँचाइयों पर पहुँचेगी। इतना ही नहीं सुंदर की कुंडली के प्रथम भाव में पराक्रम भाव का स्वामी चंद्र और कर्म और भाग्य भाव के स्वामी शनि की युति उन्हे गूगल टेक्नोलाॅजी में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए प्रेरित करेगी। कुल मिलाकर संक्षिप्त शब्दों में कहें तो सुंदर पिचाई अपने बौद्धिक कौशल और किसी भी परिस्थिति के अनुसार ढलने की क्षमता के दम पर करियर की ऊँचाइयों पर बने रहेंगे। अपने स्पष्ट विचारों के कारण सही दिशा की ओर आगे बढ़ेंगे, जिससे सुंदर पिचाई और गूगल दोनों की आर्थिक व व्यावसायिक प्रगति निश्चित है।

अपने व्यक्तिगत समाधान प्राप्त करने के लिए, एक विशेषज्ञ ज्योतिषी से बात करें अभी!
गणेशजी की कृपा से,
गणेशस्पीक्स.कॉम टीम

16 Dec 2019


View All blogs

More Articles