शनि मार्गी 2020 : जानिए आपकी राशि पर क्या है प्रभाव


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29 सितंबर को शनि मकर राशि में मार्गी हो जाएगा। पिछले दो महीनों से ज्यादा समय से वक्री गति में चल रहा था। अब शनि सीधी चाल से चलता हुआ दिखेगा। इसके बाद अगले साल मई तक शनि की चाल में बदलाव नहीं होगा। शनि की सीधी चाल से कई लोगों का मुश्किल समय खत्म हो सकता है। जानिए आपकी राशि पर इसका क्या प्रभाव होगा-


(कृपया ध्यान दें: यहाँ राशियों पर शनि के परागमन के प्रभाव की गणना चंद्र रशियों के अनुसार की गयी है।)


मेष

मेष जातकों की कुंडली में शनि दसवें और 11 वें भाव का स्वामी है, और यह दसवें घर में प्रवेश करने जा रहा है। यह जीवन का वह समय होगा जब आप अपनी योजनाओं को क्रियान्वित करने पाने में कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं। वांछित परिणाम और वित्तीय लाभ नहीं मिल पाने से निराशा का भाव आ सकता है। व्यापार में श्रमिकों से प्रतिस्पर्धा और असहयोग में वृद्धि की संभावना है। यह प्रेम जीवन और यहां तक कि वैवाहिक संबंधों में भी कठिनाइयों का समय हो सकता है। चन्द्र राशि मेष पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।

वृषभ

इस राशि के जातकों की कुंडली में नौवें और दसवें घर का स्वामी शनि परागमन के दौरान नौवें घर में प्रवेश करेगा। इस दौरान वरिष्ठ व्यक्तियों के साथ वाद-विवाद की संभावना है, अतः उनसे बात करते समय सावधानी बरतें। करियर में धैर्य रखने की जरुरत है। पिछले निवेशों से लाभ मिलने के साथ वित्तीय स्थिति में सुधार होने की संभावना है। जहां तक व्यवसाय की बात है, लंबी दूरी की यात्राएं होने की संभावना है जो अच्छे परिणाम दे सकती हैं। बौद्धिक परिपक्वता में वृद्धि के कारण वैवाहिक और प्रेम जीवन में सुधार होगा। चन्द्र राशि वृषभ पर शनि के मकर राशि में गोचर का संपूर्ण प्रभाव यहाँ पढ़ें।

मिथुन

मिथुन राशि के जातकों की कुंडली में शनि आठवें और नौवें घर का स्वामी होता है। यह परागमन के दौरान आठवें घर में गोचर करेगा। करियर में प्रमोशन या नौकरी में बदलाव के लिए देरी की संभावना है। वत्तीय नुकसान की संभावना के चलते अत्यधिक व्यय पर नियंत्रण रखने के सलाह दी जाती है। व्यापार में मंदी के चलते लाभ में देरी हो सकती है, जिससे निराशा होगी। प्रेम जीवन में कठिनाइयाँ और  वैवाहिक जीवन में परेशानियाँ आने की संभावना है। वाहन चलते समय अत्यंत सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। चन्द्र राशि मिथुन पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।

कर्क

कर्क जातकों की जन्म कुंडली में शनि सातवें और आठवें घर का स्वामी है। परागमन के दौरान यह सातवें घर में प्रवेश करेगा। इस समय करियर में कठिन परिश्रम का लाभ प्राप्त करने के लिए धैर्य रखने की आवश्यकता होगी। स्थानांतरण की संभावनाएं हैं। अपने पेशेवर जीवन में नए कौशल को अपनाना बेहतर होगा। वित्तीय प्रवाह में धीरे-धीरे वृद्धि की उम्मीद है। कर्मचारियों को संभालते समय व्यवसाय थोड़ा चुनौती पूर्ण लग सकता है। प्रेम जीवन में अनबन होने की संभावना है। विवाहित जीवन में समस्याओं को संभालने के लिए धैर्य और परिपक्वता की आवश्यकता होगी। चन्द्र राशि कर्क पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।

सिंह

सिंह जातकों की जन्म कुंडली में सूर्य छठे और सातवें घर पर शासन करता है। अब शनि छठे भाव में गोचर करने जा रहा है। जिससे नौकरी में समस्या आने की संभावना है, जिससे नौकरी खोने का डर हो सकता है। कार्यस्थल पर समर्थन की कमी के कारण धैर्य में कमी आ सकती है। कुछ अप्रत्याशित ख़र्चों की उम्मीद के चलते वित्तीय योजना बनाने का सुझाव दिया जाता है। व्यवसाय औसत से थोड़ा कम रहेगा। प्रेम जीवन में रोमांटिक पलों की कमी हो सकती है। चन्द्र राशि सिंह पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।

कन्या

इस राशि के जातकों की जन्म कुंडली में शनि पांचवें और छठे घर का स्वामी होता है। अब शनि पांचवें घर में गोचर करने जा रहा है। करियर से जुड़ी समस्याओं से निपटने के दौरान आप व्यावहारिक रहेंगे, जिनके समय-समय पर उत्पन्न होने की संभावना है। वित्तीय योजना का पालन करें नहीं तो पैसों की तंगी हो सकती है। व्यावसायिक मामलों में, अनुशासन और ध्यान की कमी के चलते सरल कार्यों को पूरा करने में भी मुश्किल हो सकती है। वैवाहिक जीवन में उम्मीदों और वास्तविकता के बीच अंतर होगा। चन्द्र राशि कन्या पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।

तुला

तुला राशि जातकों की जन्म कुंडली में शनि चौथे और पांचवें घर का स्वामी होता है, और परागमन के दौरान यह चौथे घर में गोचर करेगा। वांछित परिणाम प्राप्त करने के मामले में करियर में मंदी की संभावना है। भौतिक वस्तुओं पर व्यय होने की भी संभावना है। कारोबारी माहौल असंतोषजनक हो सकता है। प्रेम जीवन में उचित ध्यान देने की आवश्यकता है। रिश्तों में आपसी समझ में कमी हो सकती है। पुरानी समस्याओं के फिर से उठने के कारण निराशा और कठोरता आ सकती है। मानसिक तनाव से स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है। चन्द्र राशि तुला पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।

वृश्चिक

वृश्चिक जातकों की जन्म कुंडली में शनि तीसरे और चौथे घर का स्वामी होता है और यह तीसरे भाव में परागमन करेगा। यह समय करियर के लिए लाभदायक होगा। मेहनत का फल पदोन्नति के रूप में मिलेगा। आर्थिक स्थिति सकारात्मक रहेगी। व्यावसायिक यात्रायें लाभ देंगी, जिससे व्यवसाय में विस्तार की योजना बना सकते हैं। प्रेम संबंध व वैवाहिक जीवन बेहतर रहेगा। लेकिन स्वास्थ्य समस्याओं के बढ़ने की संभावना है। चन्द्र राशि वृश्चिक पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।

धनु

धनु जातकों की कुंडली में शनि दूसरे और तीसरे भाव का अधिपति होता है। या कुंडली के दूसरे भाव में प्रवेश करेगा। परागमन के दौरान आपके प्रदर्शन में गिरावट आ सकती है, जिससे वरिष्ठ लोग खुश नहीं होंगे। आय कम और व्यय अधिक होंगे। व्यावसायिक मामले औसत रहेंगे और परिणाम प्राप्त करने में देरी हो सकती है। वैवाहिक जीवन में साथी के साथ अच्छे व्यवहार करने की आवश्यकता है। इस अवधि में आलस्य और तनाव की भावना रहेगी। चन्द्र राशि धनु पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।

मकर

मकर जातकों की कुंडली में पहले और दूसरे भाव के स्वामी शनि परागमन के दौरान पहले भाव में प्रवेश करने जा रहे हैं। परागमन के दौरान जीवन में उतार-चढ़ाव आने की संभावना है। नौकरी में परिवर्तन हो सकता है। करियर धीमा रहने की संभावना है। वित्तीय मामलों में परिवार का सहयोग नहीं मिलेगा। व्यावसायिक साझेदारों से मतभेद के चलते व्यापार में समस्याएं आ सकती हैं। प्रेम जीवन में भी परेशानी हो सकती हैं। बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित जांच करवाना जरुरी होगी। चन्द्र राशि मकर पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।

कुंभ

शनि, कुम्भ राशि जातकों की कुंडली में 12वें भाव पर शासन करता है, और इसी भाव में यह परागमन करने जा रहा है। इस दौरान सहकर्मियों से असहयोग और वरिष्ठों से तनावपूर्ण संबंध हो सकते हैं। व्यापार में नए उत्पाद लाने में देरी हो सकती है। पारिवारिक सदस्यों से वित्तीय समर्थन नहीं मिलेगा। समयाभाव के कारण वैवाहिक रिश्तों में दूरी आ सकती है। स्वास्थ्य में गिरावट बानी रह सकती है। चन्द्र राशि कुंभ पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।

मीन

मीन जातकों की कुंडली में शनि 11 वें और 12 वें भाव का स्वामी होता है, और यह 11 वें भाव से गोचर करेगा। यह करियर के लिए अच्छा समय होगा। इस दौरान जातक अधिक मेहनती होंगे, और अधीनस्थों के साथ भी अच्छे संबंध होंगे। वित्तीय मामले में अच्छा समय रहेगा। बेहतर भविष्य के लिए धन खर्च कर सकते हैं व्यापार के नए विकास अवसर मिलने की संभावना है। प्रियजन के साथ ग़लतफ़हमी और गलत संवाद तनाव पैदा कर सकता है। कुछ पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं फिर से आ सकती हैं। चन्द्र राशि मीन पर शनि के मकर राशि में गोचर का प्रभाव विस्तार पूर्वक यहाँ से पढ़ें।

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28 Sep 2020


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