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दीवाली पर सुख समृद्घि के लिए अपनाएं वास्तु टिप्स


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भारत भर में पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाए जाने वाले प्रमुख त्यौहारों में से एक दीपावली का त्यौहार है। भारत के अलावा दीपावली का पवित्र उत्सव अब विश्व के अन्य देशों में भी मनाया जाता है, विशेषकर जहां भारतीय लोग बहुत संख्या में बसते हैं। इस मौके पर हिन्दु लोग अपने घरों को बहुत खूबसूरत व विविध तरीकों से सजाते हैं एवं घरों के मुख्य द्वार या घर के भीतर रंग बरंगी रंगोली बनाई जाती है। साथ ही, बिजलई लड़ियों से पूरे घर को जगमगा दिया जाता है। इस मौके पर रातों को पटाखों की ठाठ ठाठ सुनाई एवं दिन में बाजारों में खरीददारी के लिए भीड़ दिखाई पड़ती है। इसके अलावा इस मौके पर उपहारों एवं मिठाईयों के लेन देन का व्यवहार भी होता है।

हालांकि, बाजारों की चहल पहल एवं चमक धमक उत्सव आकर्षण का मुख्य कारण नहीं है। असल में यह किसी भी उत्सव का दूसरा पहलू होता है। इस उत्सव की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता भगवान श्रीगणेश, हिन्दू देवी देवताओं, धन की देवी लक्ष्मी, ज्ञान की देवी सरस्वती, शक्ति की प्रतीक मां दुर्गा की पूजा अर्चना की जाती है, ताकि उनका आशीर्वाद प्राप्त हो सके।

मान्यता के अनुसार देवी देवताओं का आशीर्वाद एवं दिव्य शक्तियां केवल उन उपासकों को प्राप्त होती हैं, जो अपने घरों को अच्छे से सजाते हैं, स्वच्छ रखते हैं। इसलिए बहुत जरूरी हो जाता है कि आप अपने घर को स्वच्छ रखें, यदि आप अपने घर में मां लक्ष्मी का प्रवेश चाहते हैं। आप अपने घर के मुख्य द्वार पर छोटे से पैरों के निशान बनाकर मां लक्ष्मी का स्वागत करें। यह पैरों के निशान आपके जीवन एवं घर में सुख समृद्घि लेकर आएंगे। इसके अलावा आप अपने घर तथा जीवन में खुशहाली, प्रसन्नता, समृद्घि, विशालता, सुगमता लाने के लिए वास्तु टिप्स का पालन करें।

पूजा कक्ष या स्थल को व्यवस्थित करें
घर का पूर्वोत्तर कोना पूजा घर के लिए सबसे अनुकूल स्थान है। इसलिए यदि हो सके तो पूजा घर को अनुकूल दिशा में ही स्थापित करें। यदि संभव नहीं तो इसको आप पूर्व में स्थापित कर सकते हैं। इस पवित्र स्थान की सजावट के दौरान काले रंग का बिल्कुल इस्तेमाल न करें। फोटो एवं मूर्तियों की सफाई के लिए स्वच्छ एवं नया कपड़ा इस्तेमाल करें। इस कपड़े को अन्य कार्यों के लिए बिल्कुल इस्तेमाल न करें। पूजा करने के समय काले या अन्य गाढ़े रंग के कपड़े बिल्कुल न पहनें। इस पवित्र पर्व पर आप अपने घर के मंदिर को दिव्य स्पर्श देने के लिए मंदिर में अभिमंत्रित मेरुपरुष श्रीयंत्र की स्थापना करें एवं इसको दीवाली या धनतेरस के मौके किसी शुभ मुहुर्त में अपने घर पर लेकर आएं।

मूर्ति को सही जगह रखें
घर का उत्तरी हिस्सा धन संपत्ति से संबंधित होता है। इसलिए, लक्ष्मी पूजन घर के उत्तरी हिस्से में करना चाहिए। हालांकि, पूजा घर या स्थल पर एक ही भगवान या देवी की दो मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। भगवान गणेश की मूर्ति को हमेशा मां लक्ष्मी की मूर्ति के बाएं हाथ रखें, जबकि मां सरस्वती को दाहिनी तरफ रखें। देवी देवता की मूर्तियों को हमेशा सही तरीके से एवं सही क्रम में रखें। मूर्तियों को ईशान कोण अर्थात उत्तर पूर्व दिशा में रखें जबकि पानी की छवि एवं कलश को पूजा स्थल की पूर्व या उत्तर दिशा में रखें। मूर्तियों की मुख हमेशा मंदिर के मुख्य द्वार की तरफ होना चाहिए, इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

बर्बादी और अव्यवस्था से छुटकारा
गणेशजी कह रहे हैं कि दीवाली से पहले अपने घर को साफ सुथरा बनाए। घर के अंदर जो भी फालतू वस्तुएं हैं, जिनका आप उपयोग नहीं करते, एवं भविष्य में उपयोग लायक भी नहीं हैं, ऐसी वस्तुओं को घर से बाहर निकालें। वस्तु के अनुसार घर का प्रवेश द्वार संभावनाओं से संबंधित है। इसलिए इस बात का ध्यान रहे कि आपका मुख्य द्वार पूर्ण रूप से खुलता हो। उसके आस पास किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए, अन्यथा दिव्य शक्ति आपके घर में प्रवेश करने से चूक जाएगी। इसके अलावा आप अपने घर के मुख्य हाल को भी स्वच्छ रखें, क्योंकि यहां पर आप बाहरी लोगों से अधिक मिलते हैं।

काली चौदस
घर से नकारात्मक चीजों को दूर करने के लिए काली चौदस का दिन सबसे बेहतर है। काली चौदस के दिन मां काली या भगवान हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए, ताकि नकारात्मक शक्तियों को घर से दूर किया जा सके एवं घर में स्वास्थ्य, सुख, समृद्घि का आगमन हो सके। घर तथा कार्यालय से नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के लिए हिन्दु धार्मिक ग्रंथों में बहुत सारे विधि विधान बताए हुए हैं। आप इन विधि विधानों के जरिये आप अपने घर व परिवार को काले जादू एवं भूम प्रेतों से सुरक्षित रख पाने में सफल होंगे।

हालांकि, किसी भी प्रयोग को करने से पूर्व आपको ऊर्जा क्षेत्र प्रभाव के बारे में समझने की जरूरत होगी। कॉस्मो-चुंबकीय ऊर्जा आपके घर के आस पास रहती है, जो मनुष्य को नजर नहीं आती है, हालांकि इसको केवल विशेषज्ञों द्वारा महसूस किया जा सकता है।

इसके अलावा आप सकारात्मक शक्ति प्राप्त करने के लिए मंत्र उच्चारण कर सकते हैं। मंत्र विज्ञान के अनुसार विभिन्न देवी-देवताओं का कवच होता है, जैसे कि लक्ष्मी कवच, दुर्गा कवच, शिव कवच, राम कवच, हनुमान कवच आदि एवं इन मंत्रों के उच्चारण से शक्तियों को प्राप्त किया जा सकता है। गणेशजी की सलाह है कि परिवार के प्रत्येक सदस्य को पूजा घर में मंत्रों का उच्चारण करना चाहिए।

वज्रहस्ता हमारे के लिए अति महत्वपूर्ण पांच वायु को सुरक्षा प्रदान करता है एवं कल्याणशोभाना हमारी जीवन शक्ति को सुरक्षा प्रदान करता है।

देवी योगिनी हमारी इंद्रियों जैसे कि कान, नाक, जीभ आदि की रक्षा करती हैं। नारायणी हमें सुरक्षा प्रदान करता है।

वराही देवी हमारे जीवन की रक्षा करती। वैशनवी हमारे धर्म की रक्षा करती है। लक्ष्मी हमारी सफलता की रक्षा करती है। चक्रणि हमारी धन दौलत व विद्या की रक्षा करती है।

गुगल धूप
दीवाली के पवित्र अवसर पर आपको अपने घर के हर कोने में गुगल धूप करन चाहिए। गणेशजी कहते हैं कि वास्तु पुरुषगण द्वारपाल, क्षेत्रपाल एवं दिशा पाल गुगल धूप से शक्तिशाली होते हैं। इसके अलावा गुगल धूप घर को तनाव रहित बनाने में अहम भूमिका निभाती है। यदि संभव हो तो प्रत्येक दिवस गुगल धूप करनी चाहिए।

नमकीन जल छिड़काव
जल के भीतर नमक मिलाएं एवं पूरे घर में अंदर इसका छिड़काव करें। गणेशजी की सलाह है कि दीवाली के आस पास तो नित्य आप नमकीन जल का छिड़काव करें, जो अति लाभदायक सिद्घ होगा। इस तरह की मान्यता है कि नमक वायु से नकारात्मकता को शोख लेते है एवं घर के भीतर एक सकारात्मक वातावरण सृजित करता है। इस विधि का इस्तेमाल सप्ताह में दो बार करना चाहिए। छिड़काव करने के बाद हाथ साफ करना न भूलें।

सक्रिय मेरुपुरुष श्री यंत्र की स्थापना अपने घर या कार्यालय में बने पूजा स्थल पर मेरुपुरुष श्री यंत्र की स्थापना कर सकते हैं। हालांकि, ध्यान रहे कि यंत्र अभिमंत्रित किया होना चाहिए। इसके अलावा जब तक यंत्र को मंत्र विधि द्वारा सक्रिय नहीं किया जाता, तब तक यंत्र आपको आपकी इच्छा अनुसार परिणाम नहीं दे पाएगा। यदि आप चाहें तो आप हमारे वेब पोर्टल पर बने स्टोर से भी इस यंत्र को खरीद सकते हैं। इस यंत्र के साथ हम आपको इसकी स्थापना से लेकर पूजा करने तक की पूरी विधि बताएंगे।

आपकी दीपावली मंगलमय हो।

गणेशजी के आशीर्वाद सहित
मालव भट्ट
गणेशास्पीक्स टीम

18 Oct 2014

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